जमशेदपुर:  बिहार के सीवान से पूर्व सांसद और बाहुबली नेता शहाबुद्दीन को आज जमशेदपुर की एक अदालत ने पच्चीस साल पहले जमशेदपुर के जुगसलाई में हुए तिहरे हत्याकांड मामले में बरी कर दिया. बता दें कि दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद पूर्व सांसद वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए. 

दरअसल, शहाबुद्दीन पर 28 साल पहले कांग्रेस नेता प्रदीप मिश्र सहित 3 लोगों को गोलियों से भून दिये जाने का आरोप था. इस घटना में शहाबुद्दीन का नाम शूटर के तौर पर सामने आया था.
 
 
कोर्ट के इस फैसले के बाद पीड़ित परिजनों में मायूसी छा गई है. घटना में मारे गए पीड़ित के परिजनों ने दुख जताया है. बताया जाता है कि पिछले पच्चीस सालों में कभी भी चश्मदीद गवाह बरमेश्वर पाठक की गवाही नहीं कराई गई, जिससे शहाबुद्दीन बरी हो गया.
 
आपको बता दें कि 2 फरवरी 1989 की शाम में जुगलसलाई में तत्कालीन युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा, जनार्दन चौबे और आनंद राव की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. 
 
 
इस मामले में मृतक के बॉडीगार्ड ब्रह्मेश्वर पाठक के बयान के बाद मुकदम दर्ज किया गया था. इस मामले में मो शहाबुद्दीन, रामा सिंह, साहेब सिंह, कल्लू सिंह और पारस सिंह समेत अन्य पर मामला दर्ज था. 
 
गौरतलब है कि इस मामले में पिछले दस सालों में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की अदालत में पेशी नहीं हो सकी थी.