भागलपुर: पिछले साल की टॉपर रूबी का एकदम नया सब्जेक्ट ‘प्रोडिकल साइंस’ और कुछ साल पहले सामने आए 12वीं की परीक्षाओं में हुए के चीटिंग के मामले बिहार एजुकेशन सिस्टम की तस्वीर साफ जाहिर करती हैं. लेकिन बिहार  में एजुकेशन को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके बारे में आपने कभी नहीं सुना होगा.
 
 
दरअसल, हमेशा की तरह तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के छात्र परीक्षा देने पहुंचे और करीब 94 छात्र परीक्षा देने के लिए टाइम पर हॉल में बैठ भी गए. फिर अचानकर उन्हें पता चलता है कि उनका पेपर कैंसर हो गया है. खास बात यह है कि उनका पेपर कैंसल इस लिए कर दिया गया था क्योंकि विश्वविद्यालय पेपर छपवाना भूल गया था.
 
 
जी हां, बिहार की तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी में मंगलवार को पोस्ट ग्रेजुएशन के प्रश्नपत्र न छपने के कारण परीक्षा कैंसल कर दी गई. यहां एमए के छात्रों की हिंदी की परीक्षा होनी थी. अब उनका ये ये एग्जाम 22 अप्रैल को होगा
 
हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी ने हिंदी डिपार्टमेंट के हेड और एग्जाम कंट्रोलर को नोटिस भेजा है. लेकिन खबरों की मानें तो एग्जाम कंट्रोलर के पास पेपर छपवाने के लिए पहुंचे ही नहीं थे. 
 
बता दे कि 2015 में 12वीं की परीक्षाओं में हुई चीटिंग की तस्वीरें आज लोगों को याद है. इन तस्वीरों में लोग परीक्षा स्थल पर खिड़कियों और दरवाजों यहां तक ही दीवारों पर चढ़ कर हॉल में बैठे छात्रों को नकल करवाते हुए दिख रहे थे.