देहरादून. उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के एक बयान हंगामा खड़ा हो गया है. दरअसल, दो दिन पहले रूड़की के एक कॉलेज में उन्होंने भाषण देते हुए कहा था कि उत्तराखंड में रहना है तो राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान गाना होगा. उनके इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उन्हें ‘पागल’ तक कह डाला.
धन सिंह ने कहा था कि उत्तराखंड में हर कॉलेज में सुबह राष्ट्रगान और शाम को राष्ट्रीय गीत अनिवार्य होगा. सरकार इस पर जल्द ही फैसला करने वाली है. रावत ने कहा कि इस नियम को जुलाई में शुरू होने वाले सत्र से लागू कर दिया जाएगा.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा दिया ‘पागल’
जब इस बारे में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से उनकी राय जानी गई तो उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को पागल करार दे दिया. रावत ने कहा कि कुछ पागलों के कहने से देश नहीं चलता है. 
धन सिंह रावत ने दी सफाई
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने सफाई दी कि उन्हें लगता है कि किसी भी को राष्ट्रगान या राष्ट्र गीत से कोई समस्या होगी. इसको किसी धर्म से जोड़ना ठीक नहीं है. वंदे मातरम और राष्ट्र गान को शैक्षिक संस्थानों में गाने से अच्छा ही होगा.
आपको बता दें कि राष्ट्रगान और वंदे मातरम के गाने को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ी हुई है. कुछ मुस्लिम विद्वानों का कहना है कि यह उनके धर्म के मुताबिक नहीं है.
इलाहाबाद में नगर निगम की बैठक में भी इसको लेकर बवाल हो चुका है. देखने वाली बात यह होगी कि जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षित सत्र से उत्तराखंड सरकार क्या इस नियम को लागू करती है उससे पहले इस पर सहमति बन जाएगी.