उज्जैन. व्यापमं घोटाले को लेकर चर्चाओं में आई नम्रता डामोर की केस फाइल फिर खुलेगी. वर्ष 2012 को 19 वर्षीय नम्रता दामोर का शव मध्यप्रदेश के उज्जैन में रेलवे ट्रैक पर पाया गया था. शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन बाद में पुलिस द्वारा इसे आत्महत्या का मामला बताया गया. एसपी मनोहर सिंह वर्मा ने इस मामले में मंगलवार को अब नए सिरे से केस का रिव्यू करने के निर्देश दिए हैं. 

गौरतलब है कि महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा नम्रता की लाश 7 जनवरी 2012 को उज्जैन जिले के कायथा के समीप शिवपुरा-भेरुपुर रेलवे ट्रेक पर मिली थी. वह इंदौर-बिलासपुर ट्रेन से जबलपुर जा रही थी. नम्रता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने मुंह दबाकर हत्या होने का कारण बताया था, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया था. लेकिन, बाद में पुलिस ने आत्महत्या का मामला बताते हुए केस खत्म कर दिया था. 

आपको बता दें कि व्यापमं घोटाले से जुड़े 48 लोगों की मौत अब तक हो चुकी है. मंगलवार को ही चौतरफा दबाव के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने व्यापम घोटाले की CBI जांच की मांग मान ली थी. उन्होंने कहा था, ‘मध्य प्रदेश सरकार ने व्यापम घोटाले की जांच CBI से कराने की सिफारिश करेगी.’