नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बिजली बिल पर बवाल बढ़ गया है. मीडिया में खबर आते ही केजरीवाल सरकार ने सफाई देते हुए कहा है कि यह बिल केजरीवाल के घर नहीं बल्कि उनके दफ्तर का है. साथ ही केजरीवाल के मीडिया सलाहकार नागेंद्र शर्मा ने कहा है कि बिजली बिल में घर, जनता दरबार और कैम्प ऑफिस भी शामिल हैं.

केजरीवाल के मीडिया सलाहकार नगेंद्र शर्मा ने कहा है, ‘यह प्रचारित करना कि ये केजरीवाल के घर का बिल है बिल्कुल झूठ है. इस बिल में कैंप ऑफिस में लगने वाले जनता दरबार हॉल और घर का बिल शामिल है.’ दिल्ली सरकार ने एक प्रेस रिलीज के जरिए बताया है कि केजरीवाल का सरकारी आवास दो हिस्सों में बंटा है.

एक हिस्से में सीएम परिवार के साथ रहते हैं और दूसरा हिस्सा उनके ऑफिस के रूप में इस्तेमाल होता है. दावा किया गया है कि घर का बिजली का बिल प्रति महीने 10-15 हजार रुपए रहता है, जबकि बाकी बिल ऑफिस में यूज होने वाली बिजली का है. 

आरटीआई से खुलासा हुआ है कि केजरीवाल के सिविल लाइन्स स्थित आवास का अप्रैल और मई महीने का बिजली का बिल करीब 91,000 रुपए का है. दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने केजरीवाल के सिविल लाइन्स स्थित आवास के बिजली बिल की प्रतियां दी हैं. वकील और आरटीआई कार्यकर्ता विवेक गर्ग ने इस संबंध में आरटीआई अर्जी दाखिल की थी.