लंदन. नाजी तानाशाह एडोल्फ हिटलर का खजाना जर्मनी के एक आर्मी बेस कैंप के नीच दबा हुआ है. यह दावा किया है हॉलैंड के एक पत्रकार सिरिल विस्लर ने किया है.  हालांकि, इस खजाने को लेकर पहले किए सारे अनुमान और अटकलें अब तक कहानियां बन चुकी हैं और यह पहेली अनसुलझी ही रह गई है. नाजी शासन के दौरान लूटी गई सोने की छड़ों ,जेवरात और विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा खजाना द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद गायब हो गया था.

लाख कोशिशें करने के बावजूद उसका पता नहीं लग सका और अब तक उस खजाने की खोज जारी है. इस खजाने की कीमत 5 अरब रुपए के करीब आंकी गई है. हैरानी की बात यह है कि यह खजाना खुले में नहीं था बल्कि जर्मनी की एक बैंक में सुरक्षित रखा गया था. ऐसा भी माना जाता है कि हिटलर ने खुद ही इस खजाने को जर्मनी के किसी अज्ञात स्थान पर छिपा दिया था. कुछ खोजकर्ताओं का विश्वास है कि यह आस्ट्रिया की किसी झील में छिपा हुआ है. ऐसा माना जाता है कि इस खजाने में 100 सोने की छड़ें और हीरे से भरी एक संदूक है. आज के जमाने में इसकी कुल कीमत 4,98,16,75,000 रुपए आंकी गयी है. 

गाने की धुन में लिखा है कोड
नीदरलैंड के अर्रन्हेम निवासी सिरिल का दावा है कि खजाने की जगह का पता उन्हें हिटलर के समय सेना के लिए लिखे एक गीत से मिला है. उनका कहना है कि ‘मार्च इम्प्रॉम्प्टू नामक इस राष्ट्रभक्ति गीत में खजाने का कोड है. इस गीत के धुनों की मूल कॉपी पर हिटलर के असिस्टेंट बोरमैन ने कुछ निशान डाले थे. सिरिल के अनुसार इन संकेतों के आधार पर लगभग दो साल तक बार-बार इस गीत को सुनने पर उन्हें खजाने का वास्तविक जगह का पता चला. उनके अनुसार जर्मनी के मिटेनवाल्ड आर्मी बेस के कंटीले बाड़ के पीछे दबा है.

विश्वयुद्ध के बाद भी जीवित था हिटलर !
एडोल्फ हिटलर ने आत्महत्या नहीं की थी. द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद वह अपनी बीवी इवा ब्राउन के साथ भाग निकला था. जर्मन सेना ने आत्महत्या की झूठी खबर फैलाई थी. प्रसिद्ध ब्रिटिश इतिहासकार गेर्राड विलियम्स ने ये कहकर फिर से हिटलर की मौत को सुर्खियों में ला दिया है. विलियम्स का कहना है कि अभी भी सरकार हमें सच नहीं बता रही. डेली एक्सप्रेस के अनुसार विलियम्स की खोज पर एक टीवी प्रोग्राम जल्द आने वाला है. इसमें खुलासा किया गया है कि किसी ने भी उन्हें खुद को गोली मारते नहीं देखा था. जिस बंकर में हिटलर छिपे थे उससे दो शवों को निकालते दिखाया गया, लेकिन ये शव किसके थे ये कोई नहीं जानता.