नई दिल्ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी में इस बार एडमिशन को लेकर मारामारी चल रही है. छात्र और उनके मां बाप दोनों ही डीयू में एडमिशन ना मिलने के कारण  परेशान चल रहे हैं. डीयू में दाखिला मिलने के बाद छात्रों द्वारा समझा जाता है कि शैक्सपियर और चार्ल्स डिकंस बनना अब ज्यादा दूर नहीं रह गया है.

डीयू 54 हजार सीटे हैं और  2 लाख 80 हजार फार्म आते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि उस जमात का क्या होगा जो 100 प्रतिशत कट ऑफ के कांटे में फंस कर रह जाते हैं. जिनहें डीयू में एडमिशन नहीं मिला उनका क्या अभियान में आज इसी पर चर्चा की गई.

 

देखिए अभियानः