नई दिल्ली. मोदी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में ‘साक्षर भारत’ को लेकर बड़ा विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है. इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय 23 अगस्त को दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा कराने जा रहा है.

यह परीक्षा देश के 26 राज्यों के 410 जिलों में दो लाख से ज्यादा केंद्रों पर होगी जिसमें करोड़ो लोग शामिल होंगे. परीक्षा 23 अगस्त के दिन तीन घंटे के लिए 10 से 5 बजे तक किसी भी समय दी जा सकेगी. परीक्षा में स्कूल न जा पाने वाले 16 साल से लेकर किसी भी आयु तक के वे लोग भाग लेंगे, जो साक्षर भारत अभियान में शिक्षा ले रहे हैं. यह कार्यक्रम साल 2010 में शुरू हुआ था. 

प्रश्चनपत्र

इसमें करीब 13 भाषाओं में 150 अंकों का प्रश्न पत्र होता है जिसमें लिखने, अक्षर या शब्द पहचानने और गणित के छोटे-छोटे सवाल होते हैं. 60 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वालों को ए ग्रेड, 40 फीसदी से ज्यादा अंक वालों को बी ग्रेड दिया जाता है. सी ग्रेड वाले फेल माने जाते हैं, उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होती है.

मंत्रालय के अनुसार यह कार्यक्रम उन जिलों में चल रहा है जहां महिलाओं की साक्षरता दर 50 फीसदी से कम है, इसलिए इसमें ज्यादातर महिलाएं होती हैं.
बता दें कि सरकार की यह परीक्षा चीन की नेशनल हायर एजुकेशन एंट्रेंस एग्जामिनेशन को टक्कर देगी जिसके लिए चीन में एक करोड़ से भी ज्यादा आवेदन आते हैं, जो विश्व रिकॉर्ड है.