मुंबई. महाराष्ट्र की फड़णवीस सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे पर 206 करोड़ रुपए घोटाले का आरोप लगा है. इस मामले पर अहमदनगर जिला परिषद की अध्यक्ष मंजूश्री गुंड ने मंत्रालय को एक पत्र लिख कर बताया कि सरकार की ओर से आदिवासी स्टूडेंट्स में बांटे जा रहे मूंगफली पट्टी या चिक्की (मूंगफली के दाने और गुड़ से तैयार होने वाला) में मिट्टी मिली है.

‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी खबर के अनुसार मंत्री होते हुए मुंडे ने ही अन्य सामान जैसे चटाई, किताब, वाटर फिल्टर्स के साथ ही चिकी की खरीदारी को मंजूरी दी. मुंडे ने नियमों की अवहेलना कर कंट्रैक्टर को 206 करोड़ रुपए का ऑर्डर दे दिया. मुंडे ने 13 फरवरी को 24 गवर्नमेंट रिजोल्यूशन के जरिए खरीददारी का आदेश दिया था. इसके लिए एक दिन में 24 गवर्नमेंट रिजॉल्यूएशन लाया गया जो कि महाराष्ट्र में एक रिकॉर्ड है.

नियम के अनुसार, फड़णनवीस सरकार ने तीन लाख से ज्यादा की सरकारी खरीदारी पर ई टेंडर की व्यवस्था की है. वित्त मंत्री सुधीर मुनघंटीवार ने एक लाख से ज्यादा की किसी भी खरीदारी को आमंत्रित निविदाओं से ही मंजूरी दी जाएगी.

गड़बड़ी

  • बच्चों के लिए 5.6 करोड़ रुपए की किताब नवी मुंबई स्थित कंपनी से खरीदी गई. लेकिन चेक के जरिए भुगतान प्रेस मालिक के पर्सनल अकाउंट में किया गया, कंपनी के नाम से नहीं.
  • 4500 करोड़ रुपए की लागत से वाटर फिल्टर लगाने का प्रोजेक्ट एक ऐसी कंपनी को दे दिया गया जिसके पास मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट ही नहीं था.
  • 6 और 18 करोड़ रुपए के दो कंट्रैक्ट दो कंपनियों को दिए गए. एक ही मशीन को खरीदने के लिए दो जीआर जारी किए गए. इन मशीनों की खरीदारी बच्चों का वजन मापने के लिए की जाने वाली थी.
  • 720 रुपए लागत की मेडिकल किट को 500 रुपए की लागत तक ला दिया गया. मुंडे ने आदेश दिया की कांट्रैक्ट के जरिए गोलियां कम कर दी जाएं लेकिन किट 500 में ही ली जाए.