नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कहा है कि वह यूपीएससी की परीक्षा में किन्नरों के लिए कोई अलग से विकल्प नहीं बना सकती क्योंकि इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कोई साफ परिभाषा नहीं दी है. दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और यूपीएससी से पूछा था कि यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा से संबंधित आवेदन में किन्नरों के लिए लिंग का अलग विकल्प क्यों नहीं है?

केंद्र सरकार ने कहा कि परीक्षा के लिए दिए जाने वाले आवेदन में किन्नरों के लिए लिंग का अलग विकल्प देने से संबंधित नियम नहीं बना सकती.