मुंबई. महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री और NCP के बड़े नेता छगन भुजबल पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व लोक निर्माण मंत्री भुजबल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून के तहत दो मामले दर्ज किए हैं.  दोनों केस हवाला के जरिये लेन-देन के आरोप में दर्ज किए गए हैं. 

महाराष्ट्र सदन घोटाले में दर्ज हुआ है केस
आपको बता दें कि भुजबल के खिलाफ पहला मामला दिल्ली में महाराष्ट्र सदन घोटाला तथा कलीना में जमीन का आवंटन और दूसरा मामला नवी मुंबई में एक हाउसिंग स्कीम से जुड़ा हुआ है. इससे पहले कल महाराष्ट्र पुलिस के ऐंटि करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भुजबल और उनके परिवार के सदस्यों के 16 ठिकानों पर रेड डाली थी. ये छापे उनकी मुंबई, ठाणे, नासिक और पुणे स्थित मकानों और दफ्तरों पर डाले गए. छापों का मकसद यह पता लगाना है कि भुजबल और उनके परिवार ने अथाह संपत्ति कैसे बनाई. भुजबल के फार्म हाउस और नासिक, मनमाड व उनके चुनाव क्षेत्र येवला स्थित उनके मकानों और दफ्तरों पर देर शाम तक तलाशी जारी रही.

ACB ने भी मारे थे छापे
भुजबल के परिवार के मुंबई एजुकेशन ट्रस्ट (एमईटी) के ऑफिस में भी तलाशी ली गई. छापों में पता चला है कि मुंबई में ही भुजबल के 6 घर हैं. उनके पास ठाणे में एक बंगला और नवी मुंबई में मारुति पैराडाइज में 12 फ्लैट और शॉप, नासिक में 5 बंगले, लोनावला में हैलिपेड और 65 एकड़ भूमि पर बंगला और पुणे के संगमवाडी में 1 फ्लैट पाया गया. 

जानकारों का अनुमान है कि एसीबी उनके विदेश स्थित कथित खातों, इन्वेस्टमेंट और अन्य कारोबार की भी तलाश कर रही है. एसीबी के अपर पुलिस आयुक्त किशोर जाधव के अनुसार, छगन भुजबल के पुत्र और एनसीपी एमएलए पंकज भुजबल और भतीजे समीर भुजबल की संपत्तियों की तलाशी का काम भी जारी है. इसी महीने एसीबी ने भुजबल, उनके पारिवार के सदस्यों और उनके साथ रहे अधिकारियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कराई थीं.

IANS