करनाल: 19 साल पहले हुए पानीपत बस बम ब्लास्ट के आरोपी अब्दुल करीम टुंडा को जिला अदालत ने गवाहों और सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. पुलिस इस मामले में टुंडा के बीच कड़ी को साबित नहीं कर पाई है. सुनवाई के बाद पुलिस सुरक्षा में टुंडा को करनाल जेल भेज दिया गया है. बता दें कि टुंडा को लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बताया जाता है और उस पर भारत में 40 से ज्यादा बम धमाके करने के आरोप हैं.
 
 
नेपाल से किया गिरफ्तार
बता दें कि एक फरवरी 1997 को कालखा सोसाइटी ट्रस्ट की निजी बस में एक बम ब्लास्ट हुआ था, इस हमले में एक महिला की मौत और दर्जनों लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए थे. इस पानीपत बस बम ब्लास्ट केस में अब्दुल  करीम टुंडा को आरोपी बनाया गया था. टुंडा पर देश के अलग-अलग जगहों पर बम ब्लास्टों में सलिंप्तता समेत 40 से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं और देश की अनेकों सिक्युरिटी एजेन्सियां इसकी तालाश में थी. आखिरकार करीम टुंडा 16 अगस्त को दिल्ली की स्पेशल सैल पुलिस ने इसे नेपाल बोर्डर से गिरफ्तार कर लिया. 
 
सोनीपत बम ब्लास्ट का भी है आरोपी
उस पर सोनीपत में 1996 में हुए दो बम धमाकों के सिलसिले में मुकदमा चल रहा है, वहां उसकी कोर्ट में पेश होगी. अब्दुल करीम टुंडा हरियाणा के सोनीपत सिनेमा हॉल बम ब्लास्ट और पानीपत के बस कांड में भी मुख्य आरोपी है. अगली तारीख तक टुंडा को करनाल जेल में रखा जाएगा. 
 
 
कुछ दिन पहले जेल में हुआ था हमला
करनाल जेल में बंद लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी अब्दुल करीम टुंडा से बुधवार को अन्य कैदियों ने मारपीट की है. इसके चलते टुंडा को कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रामा सेंटर लाया गया, जहां इलाज और मेडिकल कराने के बाद टुंडा को वापस करनाल जेल में कड़े सुरक्षा पहरे में ले जाया गया. बता दें कि इससे पहले टुंडा तिहाड़ जेल में बंद था और मंगलवार को ही पानीपत कोर्ट में सुनवाई के बाद करनाल जेल में भेजा गया था.