नई दिल्ली : दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है दिल्ली में स्ट्रीट वेंडरों और फेरी वालों को ऑथरिटी का कोई भी अधिकारी या पुलिस वाले अब परेशान नहीं करेंगे. सिसोदिया ने शहरी विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में ये बातें कहीं.
 
टाउन वेंडिंग समितियों (टीवीसी) की बैठक में शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने बताया कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली छावनी बोर्ड नगर निकायों में टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन किया जा चुका है और 3 नगर निकायों के अंदर कई टाउन वेंडिंग समितियों (टीवीसी) के गठन की प्रक्रिया जारी है. वहीं नियम, 2016 की समीक्षा उप-राज्यपाल नजीब जंग कर रहे हैं. मई 2016 तक दिल्ली सरकार सिर्फ एनडीएमसी और कैंट एरिया में ही टीवीसी बना पाई थी.
 
जो लोग सालों से दुकान चला रहे हैं उन्हें भी परेशान कर रहे
इस दौरान शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने इस मामले से जुड़े विभिन्न अदालतों की रिपोर्ट्स और वेंडरों की वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कई वैध विक्रेता सालों से अपनी दुकान चला रहे हैं उन्हें भी परेशान किया जा रहा है.
 
सरकारी वकील संजय घोष ने सेक्शन 3 (3) का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और स्ट्रीट वेंडिंग नियमन) अधिनियम, 2014 के मुताबिक सड़क के विक्रेताओं को बेदखल नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि यदि स्ट्रीट वेंडरों को किसी सूरत में बेदखल किया जा रहा है तो उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए और सारे कागजी कार्रवाईयों के साथ इसे एक सबूत के रुप में रखना चाहिए. उन्होंने ये भी बताया कि कोई वेंडर कब से बिजनेस कर रहा है ये जानने के लिए पावती, एफेडिविट, पहले क्लिक की गई कोई तस्वीर, ये सभी उस जगह के वेंडर के लिए प्रूफ की तरह काम करेंगे. 
 
नोटबंदी से लोग वैसे ही परेशान हैं
मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने कहा कि नोटबंदी के कारण वेंडरों को पहले ही बहुत परेशानी हो रही है. ऐसे में यदि पुलिस वाले या ऑथरिटी वालों द्वारा उन्हें परेशान किया जाना उनके लिए किसी सजा से कम नहीं है. इससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है. 
 
सिसोदिया ने दिल्ली स्ट्रीट वेंडर्स नियम की फाइलों की समीक्षा रिपोर्ट जल्द से जल्द उप राज्यपाल नजीब जंग को भेजने का आदेश दिया. साथ ही ये भी कहा कि वो जल्द ही LG से इस मामले में मिलेंगे.