न्यूयार्क. अमेरिका की मैनहट्टन स्थित संघीय अपील अदालत में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ वर्ष 1984 के सिख दंगों से संबंधित एक मामले में सुनवाई 18 अगस्त को होगी. सोनिया के खिलाफ यह मामला सिख अधिकार संस्था की ओर से दायर कराया गया है.

सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने सोनिया पर 31 अक्टूबर, 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद नवंबर 1984 में भड़के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को बचाने और उन्हें पुरस्कृत करने का आरोप लगाया है.

न्यायालय 18 अगस्त को मौखिक दलीलों की सुनवाई करेगा और देखेगा कि क्या दो लोग- जसबीर सिंह और मोहिंदर सिंह अपने पीड़ित परिवारों की ओर से अभियोक्ता हो सकते हैं? जून 2014 में संघीय न्यायाधीश ने सोनिया के खिलाफ दिए गए फैसले को खारिज कर दिया था, जिस फैसले में टॉर्चर विक्टिम्स प्रोटेक्शन एक्ट (टीवीपीए) के तहत उन्हें जवाबदेह नहीं माना गया था.

सोनिया गांधी पर कमलनाथ, जगदीश टायटलर, सज्जन कुमार और कांग्रेस के अन्य नेताओं को बचाने का आरोप लगाया गया है. सोनिया के खिलाफ सितंबर 2013 में एसएफजे तथा 1984 दंगों के पीड़ितों की ओर से एलियन टॉर्ट क्लेम्स एक्ट और टॉर्चर विक्टिम प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मामले दर्ज कराए गए थे.

IANS