मुंबई. महाराष्ट्र की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने दिल्ली में नए महाराष्ट्र सदन के निर्माण सहित कई ठेके देने में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में राज्य के पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. महाराष्ट्र सदन में 100 करोड़ रुपए के घोटाले में भुजबल के अलावा पांच दूसरे लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई है.

आम आदमी पार्टी ने की थी शिकायत

बंबई हाईकोर्ट की ओर से दिसंबर 2014 में दिए गए निर्देशों के अनुसार, इन सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं. इस मामले में आम आदमी पार्टी ने कार्रवाई के लिए एक जनहित याचिका दायर की थी, जबकि बीजेपी सांसद किरीट सोमैया ने एसीबी में इस आरोप के साथ शिकायत दायर की थी. दोनों पार्टियों का आरोप है कि भुजबल ने तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप महाराष्ट्र सदन के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए का एक ठेका पक्षपातपूर्ण तरीके से दे दिया था.

हाईकोर्ट ने भी इस मामले की जांच के लिए एसीबी और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के साथ एक एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था. सोमैया ने सोमवार को यह कहते हुए संतोष व्यक्त किया कि मामले में जुलाई 2012 में उनके द्वारा दायर शिकायत को लेकर पार्टी का वादा पूरा हो गया है. 

बीजेपी सांसद सुनील गायकवाड़ के भाई भी फंसे

भुजबल के अलावा पांच अन्य आरोपी गजानन सावंत (पूर्व उपसंभागीय अभियंता, पीडब्ल्यूडी), हरीश पाटिल (पूर्व कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी), अनिल कुमार गायकवाड़ (पूर्व अधीक्षक अभियंता, पीडब्ल्यूडी), संजय सोलंकी (पूर्व अवर सचिव, पीडब्ल्यूडी) और एमएच शाह (पूर्व सचिव, पीडब्ल्यूडी) हैं. आपको बता दें कि अनिल गायकवाड़ लातूर लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद सुनील गायकवाड़ के भाई हैं.