सोलापुर. आम तौर तलाक के बाद पत्नी को गुजारा-भत्ता देने का नियम है. कोर्ट इसका आदेश भी देता है. लेकिन महाराष्ट्र की एक अदालत ने पत्नी को आदेश दिया है कि वह अपने पति को हर महीने 2 हजार रुपए गुजारा भत्ता देगी.
 
अदालत का यह फैसला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. महाराष्ट्र के सोलापुर के कोर्ट ने यह आदेश दिया है. मिली जानकारी के मुताबिक रवि और अर्चना (बदला हुआ नाम) की शादी 2004 में हुई थी. अर्चना बेहद पढ़ी-लिखी थी और वह सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल है.
 
वहीं रवि ज्यादा शिक्षित भी नहीं था और उसकी आर्थिक हालत भी ठीक नहीं थी. दोनों का विवाह परिचय सम्मेलन के दौरान हुआ था. शादी के समय ही अर्चना ने शर्त रखी थी कि वह नौकरी करती है और वह रवि के साथ ससुराल में नहीं रह पाएगी. इसलिए रवि को भी उसके मायके में रहना होगा और घर का सारा काम संभलना पड़ेगा. 
 
रवि तब इस शादी के लिए तैयार हो गया. शादी के कुछ दिन तक तो सब ठीक रहा है. रवि ने घर का सारा काम संभाल रखा था. एक दिन रवि ने गलती से दूध गिरा दिया. इस बात पर अर्चना ने आपा खो दिया और गुस्से में आकर रवि को खूब बुरा-भला कहा. 
 
इतने पर भी अर्चना को मन नहीं भरा तो रवि के साथ मारपिटाई भी कर डाली और उसे घर से निकाल दिया. रवि ने इस अन्याय के खिलाफ कोर्ट से गुहार लगाई. इस पर अदालत ने अर्चना को निर्देश दिया कि जब तक इस मामले पर कोई फैसला न हो जाए वह रवि को हर महीने 2 हजार रुपए गुजारा-भत्ता के तौर पर देती रहेगी.