नई दिल्ली. अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए लोग दोस्तों से मिलते-जुलते हैं या अपने लिए कोई पार्टनर ढूंढते हैं. लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सिर्फ चैट करने के लिए हर महीने पैसे खर्च करके वर्चुअल गर्लफ्रेंड बना रहे हैं.
 
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सुनने में थोड़ा अजीब लगता है लेकिन अकेलेपन को दूर करने के लिए लोग ऐसा भी तरीका अपना रहे हैं. 28 साल का एक शख्स इस पर हर महीने 81 डॉलर यानी 6,600 रुपये खर्च आता है. इस तरह वह साल भर में लगभग 82,000 रुपये खर्च कर देता है.
 
इसके बदले में वर्चुअल गर्लफ्रेंड उससे सामान्य बातचीत करती है, एक सामान्य दोस्त की तरह पसंदीदा फोटो और ई-मेल भेजती है. लोग कहते हैं कि इससे व्यक्ति में किसी नजदीकी के मौजूद होने का अहसास बना रहता है. उसे किसी के साथ एक लंबे रिश्ते में होने जैसा महसूस होता है. 
 
सेक्सुअल बातचीत नहीं
खास बात यह है कि इसमें कोई सेक्सुअल बातचीत नहीं होती. लोग बस किसी करीबी के होने का अहसास चाहते हैं. यह कुछ इस तरह है कि सुबह उठने पर वह आपको ‘गुड मॉर्निग’ करती है, आॅफिस से घर आने पर ‘दिन कैस रहा’ या बीमार होने पर तबीयत के बारे पूछती है. इतना ही नहीं वह अपने बारे में बताती है. जैस कि आज सिर में दर्द है या आज पार्टी के लिए जा रही हूं और उससे जुड़ी बातें भी बताती है. 
 
हालांकि इस शख्स की स्थिति कई लाखों लेोगों की तरह है, जो बेहद व्यस्त होने के कारण अकेलेपन का शिकार हैं. वर्चुअल गर्लफ्रेंड के कनसेप्ट ने ‘इनविजिबल गर्लफ्रेंड’ और ‘ड्रीम लवर’ जैसी आॅनलाइन फर्म के आने के बाद से साल 2014 से ज्यादा जोर पकड़ा था. हालांकि, इस शख्स के अनुसार वह अपनी वर्चुअल गर्लफ्रेंड के साथ बहुत खुश हैं और उसकी फिक्र भी करते हैं. पर उन्होंने किसी को इस बारे में नहीं बताया है.