नई दिल्ली. आज पापांकुशा एकादशी है, जो अश्विन शुक्ल पक्ष में आती है. ब्रह्माण्ड पुराण में इस एकादशी के बारे में काफी विस्तार से बताया गया है. इस एकादशी का बहुत महत्व बताया गया है. पापांकुशा का मतलब होता है पापा पर अंकुश लगाना। मान्यता है कि इस एकादशी को व्रत रखने से मुनष्य के पापों का नाश होता है. 
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इस दिन व्रती को सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. व्रती को रात में जागरण करना चाहिए. कथा के अनुसार एक बार धर्मराज ने श्री कृष्ण से पूछा कि अश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी का क्या महत्व है और इस दिन किसकी पूजा होती है. तब भगवान श्री कृष्ण ने युधिष्ठर को बताया कि इस दिन पापांकुशा एकादशी होती है. यह पापों का नाश करती है और मनुष्य की रक्षा करती है. इस एकादशी को पूरी श्रद्धा से रखने पर होने वाले लाभों के बारे में आगे बताया गया है:
 
ये होंगे फायदे
 
1. जो व्यक्ति भक्तिपूर्वक भागवान विष्णु की पूजा करता है उसका जीवन सुखमय होता है. 
 
2. व्यक्ति भोगों में लिप्त नहीं होता, उसकी चिंताए खत्म हो जाती हैं.
 
3. श्रद्धापूर्वक व्रत रखने से पापों का नाश होता है. 
 
4. इस व्रत को रखने वालों को वही पुण्य प्राप्त होता है जो सतयुग में कठोर तपस्या करने वाले ऋषियों को मिला था. 
 
5. व्रती न केवल अपने लिए पुण्य संचय करते हैं बल्कि उनके पुण्यों से मातृगण व पितृगण भी पापों से मुक्त हो जाते हैं.