रोहतक. महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी की एक महिला प्रोफेसर पर फर्जी दस्तावेज के आधार पर प्रमोशन लेने का मामला सामने आया है. इस बात का खुलासा उनके विभाग के ही एचओडी ने किया है. पुलिस ने प्रोफेसर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है. 
 
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विजुअल आर्ट विभाग में तैनात महिला प्रोफेसर पर आरोप है कि उन्होंने प्रमोशन लेने के फर्जी दस्तावेज पेश किए है. इसी आधार पर उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर बनाया गया.
 
कैसे की धोखाधड़ी ?
रिपोर्ट्स के अनुसार प्रोफेसर बनने के लिए दो 120 अंको की जरूरत थी, लेकिन इन अंकों को पूरा करने के लिए प्रोफेसर ने दो बीएड कॉलेजों के दस्तावेजों को लगाकर 127 अंक कर दिया. शुरूआती जांच की मानें तो 15 अंकों के दोनों दस्तावेज फर्जी पाए गए है.
 
महिला प्रोफेसर की सफाई
वहीं दूसरी ओर महिला प्रोफेसर डॉ. सुषमा सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. प्रोफेसर का कहना है कि उनके विभाग के ही कुछ लोगों की ओर से फर्जी दस्तावेजों के नाम पर मेरे खिलाफ प्रोपगेंडा और साजिश की जा रही है.