नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी सरकार की नजर है देश के 100 बड़े आध्यात्मिक गुरुओं पर. उन गुरुओं पर जिनके देश-विदेश में बड़ी संख्या में अनुयायी और भक्त हैं. दुनिया भर में मशहूर ऐसे बाबा जिनके पास कई एकड़ के आश्रम हैं, उन्हीं आश्रमों पर है मोदी सरकार की नजर.
 
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ऐसे सभी बड़े आश्रमों की लिस्ट तैयार करने में जुटी है मोदी सरकार की न्यू एंड रिन्यूवल एनर्जी मिनिस्ट्री. ऐसे एक आश्रम में तो उनका ‘सोलर ऑपरेशन’ पंजाब सरकार की मदद से हो भी चुका है. दरअसल मोदी ने पिछले साल फ्रांस के साथ मिलकर एक ग्लोबल सोलर एनर्जी एलायंस बनाया था जिसके तहत दुनिया भर के 100 देशों को जोड़ना है..
 
ऐसे में भारत सरकार को खुद इस दिशा में एक बड़ी पहल करनी है ताकि दूसरे देशों के लिए नजीर साबित हो सके. कुल 40000 मेगावाट बिजली सोलर तरीके से पैदा करने का टारगेट रखा है मोदी सरकार ने जिसे वो रूफटॉप सोलर पैनल्स के जरिए पैदा करेगी.
 
 
ऐसे में सरकारी संस्थानों से लेकर यूनिवर्सिटी कैम्पस तक को इस पहल से जोड़ा जा रहा है. इसी कड़ी में देश के आध्यात्मिक गुरुओं को जोड़ने का दिलचस्प प्रयास सामने आया है. मोदी सरकार के अधिकारियों ने प्लान किया है कि देश के 100 बड़े आश्रमों में सोलर पावर प्लांट लगाया जाए ताकि ना केवल वो अपनी ऊर्जा जरुरतों को पूरा सकें बल्कि बची हुई बिजली ग्रिड को बेच भी सकें. इसके लिए सरकार तकनीकी सहायता देने को भी तैयार है.
 
गुरुओं के आश्रम को चुनने की एक खास वजह भी है. मोदी सरकार का मानना है कि इन आध्यात्मिक गुरुओं की फैन फॉलोइंग या असर का दायरा काफी बड़ा है. देश के साथ-साथ विदेश में भी असरदार हस्तियां इनकी फॉलोअर होती हैं. ऐसे में इस पहल का व्यापक असर होगा और लाखों लोग उनसे प्रेरणा लेकर सोलर एनर्जी के काम को आगे ले जाएंगे.
 
 
इस मिशन की शुरुआत हो चुकी है. अमृतसर के राधा स्वामी डेरा में 80 एकड़ रूफटॉप पर 140 करोड़ का सोलर एनर्जी प्लांट लगा है और इसे विश्व का सबसे बड़ा सिंगल रूफटॉप सोलर प्लांट बताया जा रहा है. इसके जरिए कुल 140 मेगावाट बिजली बनाई जा सकेगी. मई में ही इसकी शुरुआत हुई है जिसे पंजाब सरकार की मदद से बनाया गया है. 
 
ऐसे सभी गुरु जिनके आश्रम में सोलर प्लांट लगाया जाएगा उनको लेकर एक ग्लोबल कॉन्फ्रेंस भी की जाएगी और दुनिया भर के आध्यात्मिक गुरुओं को उससे जोड़ा जाएगा. इसके अलावा जिन आश्रमों में इन सोलर प्लांट्स को बड़े स्तर पर लगाया जाएगा, ऐसे कुछ गुरुओं को दुनिया भर में सोलर एनर्जी के ब्रांड एम्बैसडर के तौर पर भी पेश किया जा सकता है.
 
 
मोदी सरकार के आने के बाद बड़े मंदिर सरकारी स्कीम में चढ़ावा का सोना निवेश कर रहे हैं, बड़े-बड़े बाबा सफल बिजनेसमैन के रूप में उभर रहे हैं, स्वच्छता अभियान से जुड़ रहे हैं और अब सोलर एनर्जी के काम में बाबा लोग सहयोग करेंगे. ऐसा लगता है कि मोदी देश में राजनीति और धर्म के पॉजीटिव गठजोड़ का सफल प्रयोग करने के मूड में हैं.