नई दिल्ली. सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय ने कहा है कि वह 300 करोड़ रुपये चुकाने के लिए तैयार हैं. उन्होंने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह बाजार विनियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) को 300 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए तैयार हैं, जिसे बैंक गारंटी के साथ समायोजित किया जाना चाहिए.
 
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सुब्रत राय को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी पेरोल 16 सितंबर तक बढ़ा दी थी ताकि वह सेबी को 300 करोड़ रुपये का भुगतान कर सकें. मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की बेंच ने सहारा प्रमुख को 16 सितंबर तक 300 करोड़ रुपये जमा कराने का समय दिया था, अगर वह ऐसा नहीं कर पाए तो उन्हें दोबार तिहाड़ जेल भेज दिया जाएगा. 
 
सहारा के चिटफंड मामले में सुब्रत राय के साथ दो अन्य निदेशकों दूबे और राय चौधरी को 4 मार्च, 2014 को तिहाड़ भेजा गया था. उन्होंने निवेशकों को 15 फीसदी ब्याज के साथ 17,600 करोड़ रुपये लौटाने के कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया था.
 
वैसे सुब्रह राय 200 करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा ना करने पर नाराजगी जाहिर की थी. जमानत की शर्त के अनुसार सहारा को 5000 करोड़ रुपये की रकम और इतनी ही बैक गारंटी देनी है.