आज की भाग दौड़ भरी ज़िन्दगी में जैसे ही हमारा स्मार्टफोन डिस्चार्ज होता है वैसे ही हमारे कई काम अचानक रुक जाते है. ऐसे में पावर बैंक्स आज सिर्फ हेवी यूज़र्स ही नहीं एक मीडियम यूजर के लिए भी जरूरत बन गए हैं. लेकिन जब एक यूज़र पावर बैंक की खरीदारी करने के लिए गूगल का इस्तमाल करता है तो उसके सामने तमाम तरह के सस्ते और वास्तव में बेकार पावर बैंक की लिस्ट पेश कर दी जाती है. 
 
 
ऐसा नहीं है कि उस लिस्ट में अच्छे  पावर बैंक नहीं होते लेकिन एक साधारण यूज़र सस्ते दाम और हज़ारों पावर वाले  पावर बैंक के सामने आम तौर पर अच्छे और थोड़े महंगे  पावर बैंक को अनदेखा कर देता है. ऐसा ना भी हो और अगर आप किसी दुकान से पावर बैंक की खरीदारी करने वाले हैं तो भी सोचने वाली बात है कि उस समय आप दुकानदार के कहने पर  पावर बैंक खरीदेंगे, ब्रांड और ऊंची कीमत पर भरोसा करेंगे या अपनी अक्ल लगाएंगे? अगर आप चाहते हैं कि आपको एक अच्छे  पावर बैंक की परख हो हम बता रहे हैं कि कैसे आप एक अच्छा  पावर बैंक अपने लिए चुन सकते हैं. 
 
जरुरत के मुताबिक़ चुने पावर बैंक की कैपेसिटी
 
आज बेशक स्मार्टफोन्स बेहद स्लिम होते जा रहे हैं और इसकी वजह से बैटरी का साइज़ भी छोटा होता जा रहा है. स्मार्टफोन्स की परफॉर्मेंस को बढ़ाने के लिए उनमे नए नए फीचर्स जोड़े जा रहे हैं लेकिन बैटरी लाइफ में चमत्कारी परिवर्तन लाने जैसा कुछ भी अभी तक नहीं हुआ है. ऐसे में हमे जरुरत पड़ती है पावर बैंक की.
 
किसी भी पावर बैंक को खरीदने से पहले जिस चीज पर सबसे पहले ध्यान दिया जाता है वह है पावर बैंक की कैपेसिटी या उसकी पावर पर. आज बाजार में 1500 से लेकर 20 से 30 हज़ार एमएएच तक के पावर बैंक आपको देखने को मिल जाएंगे. ऐसे में आपको अपने फोन की बैटरी को देखते हुए सही कैपेसिटी वाले पावर बैंक का चुनाव करना होगा. 
 
यहां एक बात और गौर करने वाली है कि अगर आपके फोन में 2500 एमएएच की बैटरी है और आपके पास 10000 एमएएच का पावर बैंक है तो इसका मतलब यह नहीं हो जाता कि वह पावर बैंक आपके फोन को चार बार चार्ज कर देगा। ऐसे में हमे ध्यान देना होगा अगले बिंदु पर.
 
 पावर बैंक की एफिशिएंसी या कार्यक्षमता
 
पावर बैंक की कैपेसिटी पर ध्यान देते वक़्त उसकी कार्यक्षमता या एफिशिएंसी या कंवर्जन रेट पर भी ध्यान देना जरुरी होता है. दरअसल कोई भी पावर बैंक आपके फोन में जब करंट ट्रान्सफर करता है तो उस दौरान एनर्जी में लॉस देखने को मिलते हैं. कभी भी कंवर्जन रेट 100% देखने को नहीं मिलता. यह अक्सर 75 से 90% तक रहता है. कई पावर बैंक  इसकी जानकारी भी अपने प्रोडक्ट पर देते हैं. 
 
ऐसे में अगर आपके पास 10000 एमएएच का पावर बैंक है और उसका कंवर्जन रेट 85% है तो आपको 10000 एमएएच में से 8500 एमएएच तक इस्तमाल करने को मिलेगी.  
 
समय के साथ मिलती है बेस्ट परफॉर्मेन्स 
 
पावर बैंक खरीदने से पहले यह जानना भी जरुरी होता है कि एक पावर बैंक अपनी बेस्ट परफॉर्मेंस 8 से 10 बार फुल चार्ज और डिस्चार्ज होने के बाद दे पाता है. कहने का मतलब यह है कि अगर आपने एक नया पावर बैंक लिया है तो उससे एक स्टेबल आउटपुट लेने के लिए उसे 8 से 10 बार तक इस्तमाल करना होगा.
 
इस तरह जांचें कि पावर बैंक सुरक्षित है या नहीं 
 
किसी भी पावर बैंक की कैपेसिटी जांचना जिस तरह जरुरी है उसी तरह यह देखना भी जरुरी है कि पावर बैंक सुरक्षित है या नहीं? दरअसल एक पावर बैंक के तौर पर आपके पास हमेशा एक हाई पॉवर खुद में समेटे बैटरी मौजूद रहती है. ऐसे में अगर वह सुरक्षित ना हो तो आपको, आपके फोन को या खुद आपके पावर बैंक को भी नुक्सान पहुंच सकता है.
 
एक अच्छी कंपनी सुरक्षा के तौर पर पावर बैंक में ओवर चार्जिंग, शॉक सर्किट, ओवर वोल्टेज और हाई टेम्प्रेचर से बचने के उपाय कर के देती है. आप जो पावर बैंक खरीदने जा रहे हैं उसमे यह फीचर्स कंपनी ने दिए हैं तो आपका पावर बैंक सुरक्षित है.
 
हमेशा चुने ब्रांडेड पावर बैंक
 
ऊपर बताई तमाम चीजें आपको एक अच्छे ब्रांडेड  पावर बैंक में ही मिल सकती हैं इसलिए कभी भी लोकल और सड़कों पर बिकते  पॉवर बैंक ना खरीदें. उन पर बेशक कई हज़ार एमएएच  की बैटरी होने की बात लिखी मिल जाती हो लेकिन असलियत में वह सिर्फ खराब क्वालिटी की बैटरी के अलावा कुछ नहीं होती. ऐसे में आप Xiaomi, Honor, Oneplus, Anchor या Zoook के पावर बैंक ले सकते हैं।