नई दिल्ली. दक्षिण कश्मीर के ज्यादातर थानों को बंद कर दिया गया है तो वहीं कुछ बिलकुल खाली करवा दिए गए हैं. कश्मीर के चार जिलों पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग में पूरी तरह से अराजकता फैली हुई है. सैकड़ो लोग रोजाना आजादी की रैलियां निकालकर नारे लगा रहे हैं, लोगों ने कई थानों को आग के हवाले भी कर दिया है.
 
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रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस की मौजूदगी में भी सैकड़ों लोग रोजाना रैली निकाल कर आजादी के नारे लगा रहे हैं. उग्र भीड़ ने कई थानों में आग भी लगा दी थी। जब भीड़ ने थानों पर हमला करना शुरू कर दिया तो, भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने कई थानों को खाली करवा दिया. 
 
पुलिस विभाग सूत्रों का कहना है कि, कुछ समय के लिए दर्जनों थानों को बंद कर दिया गया है. जिसमें चार जिलों पुलवामा, अनंतनाग, शोपियां और कुलगाम के 36 में से 33 थानों को बंद कर दिया गया है. इन 36 में से कुल तीन स्टेशन ही काम कर रहे है जो पुलवामा, राजपुरा और अवंतीपुरा में हैं. बता दें कि ज्यादातर थाने अब खाली पड़े हैं, जिनकी सुरक्षा सेना और सीआरपीएफ के जवान कर रहे हैं.  
 
बता दें कि इस मामले में सीआरपीएफ के जवानों को मूक दर्शक बने रहने के निर्देश दिए गए हैं. इसलिए सीआरपीएफ के जवान भी साउथ कश्मीर में नजर नहीं आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक उन्हें किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई करने से मना किया गया है. 
 
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यहां लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्म्द के कमांडरों द्वारा बनाए गए कई कैंप चलाये जा रहे हैं. जिन्हें ज्यादातर युवाओं ने ज्वाइन किया हुआ है. बुरहान बानी की मौत की बाद से ही घाटी में तनाव की स्थिति बनी हुई है.
 
एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि, “अनंतनाग की आजादी रैली में आतंकी राइफल और हथियार लहराते हुए दिखे थे. इतना ही नहीं भीड़ अपने साथ हांजीपुरा पुलिस थाने से वायरलेस कम्युनिकेशन कोड के साथ कुछ संवेदनशील कागजात भी ले गई थी.