नई दिल्ली. सरकार की ओर से लोगों को साफ-सफाई बरतकर मच्छरों को पनपने से रोकने की सलाह दी जाती है लेकिन सरकारी दफ्तरों और इमारतों में ही इसका पालन नहीं होता. किसी अन्य इमारत की बात क्या करें बल्कि राष्ट्रपति भवन में ही मच्छरों ने अपना डेरा बना लिया है. मच्छर पनपने की​ स्थितियां पाए जाने पर एनडीएमसी ने राष्ट्रपति भवन को 52 नोटिस जारी किए हैं. यही स्थिति पिछले साल भी थी और भवन के परिसर में बहुत अधिक मच्छर पनपने के कारण 125 नोटिस जारी किए गए थे.

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320 एकड़ के इस राष्ट्रपति भवन परिसर में जगह-जगह इकट्ठे पानी में लारवा पाए जाने के बाद जनवरी से ये नोटिस जारी किए जा रहे हैं. राजधानी में हर साल डेंगू से होने वाली मौतों के कारण एनडीएमसी ने मच्छरों के खतरे को नियंत्रित करने का फैसला किया है, इसमें राष्ट्रपति भवन भी शामिल है.

एनडीएमसी के एक ​वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि निगम ने राष्ट्रपति भवन के विभिन्न परिसरों और रेजिडेंशियल क्वाटर्स को 52 नोटिस जारी किए हैं. इन जगहों की जांच के लिए पहले एक टीम बनाई गई थी. इस टीम में राष्ट्रपति भवन में साफ-सफाई व बागवानी इकाइयों और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के तहत सिविल इंजीनियरिंग इकाई के सदस्य और एनडीएमसी स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया यूनिट के कर्मी शामिल थे.

इसके अलावा एनडीएमसी क्षेत्र में स्थित 50 से अधिक दूतावासों को भी मच्छरों के प्रजनन को नियंत्रित करने के संबंध में चेतावनी जारी की गई है. एनडीएमसी अधिकारी ने बताया कि नागरिक निकायों को दूतावासों को चालान या नोटिस जारी करने का अधिकार नहीं है. ​निगम उन्हें मच्छरों को नियंत्रित करने में पूरा सहयोग करेगा.

अन्य सरकारी इमारतों की बात करें तो वहां भी हालात अच्छे नहीं हैं. सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली गोल्फ क्लब, शिवाजी स्टेडियम और आकाशवाणी भवन उन 146 इमारतों में से हैं, जिन्हें डेंगू पनपने को लेकर चालान जारी किए गए हैं. एनडीएमसी इस बार कुल 3337 नोटिस जारी कर चुकी है.

अस्पतालों तक में सफाई का ध्यान नहीं रखा गया है. नोटिस मिलने वाले अस्पतालों में एम्स, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और एलएचएमसी अस्पताल शामिल हैं. इसके अलावा अशोका होटल और ताज मान सिंह होटल को भी नोटिस दिया गया है. अगर निगम की दूसरी बार की जांच में भी कोई सुधार नहीं पाया गया तो इनके चालान काटे जाएंगे. मालूम हो कि इस साल भी डेंगू का कहर टूट पड़ा है. अभी तक दो जानें जा चुकी हैं.