पटना. बिहार में शराबबंदी कानून बनने के बाद भी सरकार इस पर लगाम लगाने में सक्षम नहीं है. इसका अंदाजा गोपालगंज में जहरीली शराब मामले को देखकर लगा सकते हैं. अभी तक इसके अपराधी पुलिस के पहुंच से बाहर हैं जबकि सरकार और पुलिस आपस में ही उलझी पड़ी हुई है.
 
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रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार के गोपालगंज में जहरीली शराब मामले में 25 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है साथ ही 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है वहीं 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है. बता दें कि अभी तक जहरीली शराब से मरने वालो की संख्या 16 पहुंच गई है.
 
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कर चुके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस हादसे के बाद सवालों में घेरे में हैं. लेकिन नीतीश ने इस पर खासी नाराजगी जताई है और कहा है कि इससे जुड़े हर व्यक्ति पर नए कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
 
नीतीश ने यह भी कहा कि अभी तक यह क्लियर नहीं हुआ है कि गोपालगंज में मौत की वजह क्या हैं लेकिन अगर मामला जहरीली शराब से जुड़ा निकला तो दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा.
 
हालांकि इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के रिकॉर्ड को देखा जाए तो उसमें एक व्यक्ति की आखों से खून बहते देखा गया था जोकि जहरीली शराब पीने से ही होता है. 
 
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हादसे के बाद से ही लगातार छापेमारी की जा रही है. नीतीश की पूर्ण शराबबंदी पर बीजेपी ने कहा है कि बैन तब काम करता है जब वहां (बिहार) कोई कानून हो.