मंगलौर. कर्नाटक के मंगलौर में पुरानी पंरपरा को तोड़ते हुए एक दलित महिला को गोकर्णनाथ मंदिर का पुजारी बनाया गया है. दक्षिण भारत समेत देशभर में कई मंदिरों में दलितों का प्रवेश नहीं होने पर काफी बवाल हुआ था. 
 
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कर्नाटक में हुए इस घटना को एक नई सोच के रुप में देखा जा रहा है. कर्नाटक की लक्ष्मी नाम की एक दलित महिला ने रुढ़िवादी प्रथा को तोड़कर एक नया मुकाम बनाया है.
 
लक्ष्मी पर मंदिर में पूजा-पाठ से लेकर अनुष्ठान से जुड़े हर काम की जिम्मेदारी  है. लक्ष्मी की भूमिका से मंदिर प्रशासन खुश है. साल 2014 में वे मंदिर की पुजारी बनी थीं. लक्ष्मी दलित समुदाय से आती हैं. वे दलितों के लिए लड़ाई लड़ती रही हैं. 
 
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लक्ष्मी कहती हैं कि वो मंदिर की पुजारी बनकर बेहद खुश हैं और खुद पर गर्व महसूस करती हैं. लक्ष्मी कहती हैं कि उन्हें वंचितों और दलितों के लिए संघर्ष करने में कोई संकोच नहीं है.