गुवाहटी. देशभर के आधे से ज्यादा हिस्सों में बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश का कहर असम में भी दिख रहा है जहां बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक काजीरंगा नेशनल पार्क (केएनपी) में 221 हिरन और 21 एक सिंग वाले गैंडों सहित 300 जानवरों की मौत हो गई है.
 
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केएनपी के डीविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर सुवासिश दास का कहना है कि 25 जुलाई से आई बाढ़ में अबतक 310 जानवरों की मौत हो चुकी है. उनका कहना है कि 2012 के मुकाबले इस साल बाढ़ और भी भयानक है लेकिन जानवरों की मौत 2012 में ज्यादा हुई थी. 
 
अबतक 106 जानवरों को स्थानीय निवासियों की मदद से बचाया जा चुका है। जिनमें 8 गैंडों का इलाज कराया जा रहा है.  मारे गए 21 गैंडों में से दस की उम्र सिर्फ दो से छह महीने के बीच थी. असम में आई बाढ़ से 135 किलोमीटर तक के दायरे में जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है. कई पुल भी टूट चुके हैं.