नई दिल्ली. चंडीगढ़ में 300 करोड़ की हेराफेरी का मामला सामने आया है. मामला चंडीगढ़ सेक्टर 7 स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की ब्रांच का है. जहां फॉरेन एक्सचेंज ब्रांच का असिस्टेंट मैनेजर अपने ही बैंक को 302 करोड़ का चूना लगाकर परिवार सहित विदेश भाग गया है. आरोपी की पहचान आशु मेहरा के रुप में हुई है. 
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
दैनिक जागरण में छपी खबर के अनुसार बैंक की जांच में पता लगा है कि आशु ने कुल 3,024,099,361.41 रुपए अपने विदेशी खाते में ट्रांसफर किये थे. साथ ही आरोपी कई साल से अपने दुबई और बहामास स्थित खातों में रकम भेज रहा था. आरोपी असिस्टेंट मैनेजर ने कुल 16 ट्रांजेक्शन के माध्यम से ये रकम विदेशी खातों में जमा कराई. सारे ट्रांजेक्शन 04 फरवरी 2015 से 10 फरवरी 2016 के बीच किए गए. 
 
बैंक को करोड़ों की चपत लगाने के बाद आरोपी ने लगभग 3 महीने पहले अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और वो पत्नी और बच्चों सहित फरार हो गया था. जब इस मामले में बैंक के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की कोशिश की तो किसी ने भी किसी प्रकार की जानकारी देने से इंकार कर दिया.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
बैंक की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने पूरे मामले की जांच शुरु कर दी है. सीबीआई ने बैंक के रिकॉर्ड्स खंगालने शुरु कर दिए हैं. जांच एजेंसी को शक है कि इस घोटाले में बड़े अधिकारियों की संलिप्तता हो सकती है क्योंकि आरोपी के उपर भी कई अधिकारी होते हैं. साथ ही सीबीआई इस मुद्दे पर भी जांच कर रही है कि कैसे प्रमोशन के बाद भी आरोपी इस ब्रांच में कार्यरत रहा.