नई दिल्ली. हिमालय एक पर्वत तन्त्र है जो भारतीय उपमहाद्वीप को मध्य एशिया और तिब्बत से अलग करता है. यह पर्वत तन्त्र मुख्य रूप से तीन समानांतर श्रेणियों- महान हिमालय, मध्य हिमालय और शिवालिक से मिलकर बना है जो पश्चिम से पूर्व की ओर एक चाप की तरह है.
 
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रिपोर्ट्स के मुताबिक हिमालय में कुछ ऐसा हो रहा है जिसके जरिए वो चीख-चीख कर कुछ कहना चाह रहा है. रह-रहकर वो चीखता है गुस्साता है गुस्से में उसकी पहाड़ रूपी भुजाएं दड़कती जाती हैं और नीचे चीख-पुकार मच जाती है.
 
हम जिस हिमालय की बुनियाद हिलने की बात हम कह रहे हैं वो वही हिमालय है जिसने 650 लाख सालों से हिन्दुस्तान को बनाए और जिलाए रखा है. जानते हैं अगर हिमालय नहीं होता तो न गंगा-यमुना का दोआब न होता न दुनिया की सबसे उपजाऊ दोमट मिट्टी होती है.
 
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भारतीय उपमहाद्दीप का बड़ा हिस्सा साइबेरिया से आने वाली और हाड़ कंपा देने वाली ठंडी हवाओं के झोंके में सिमट कर रेगिस्तान का टिला भर होता. कुल मिलाकर हमे इतने दिनों से पानी, ऑक्सिजन, भोजन सबकुछ देने वाला हिमालय खुद चीखने लगा ऐसा क्यों देखिए इंडिया न्यूज के शो मिट्टी में क्यों मिल जाना चाहता है हिमालय ?