नई दिल्ली. चंद मिनटों में पाकिस्तान का खात्मा हो सकता था. भारत के लड़ाकू विमान पाकिस्तान की सरजमीं पर तबाही मचाने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुके थे. हिन्दुस्तान के खिलाफ पाकिस्तान ने जब जब सरहद पर संग्राम छेड़ा है तब तब भारत के जांबाज सैनिकों ने उसे बुरी तरह पस्त किया है.
 
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इतिहास के पन्नों में 1947 से लेकर 1999 तक दोनों देशों के बीच चार बार जंग हो चुकी है और हर बार दुश्मन को मुंह की खानी पड़ी है. लेकिन करगिल की लड़ाई में पाकिस्तान का सबसे बुरा हाल होने वाला था क्योंकि इंडियन एयरफोर्स पाकिस्तान में घुसकर उसके परखच्चे उड़ाने के लिए कमर कस चुकी थी.
 
नो गो ऑर्डर का मतलब
नो गो ऑर्डर का मतलब था कि पाकिस्तान के खिलाफ इंडियन एयरफोर्स के ऑपरेशन को स्थगित करना. अगर आखिरी वक्त पर वायुसेना को नहीं रोका गया होता तो पाकिस्तान की तबाही तय थी. सवाल ये उठता है कि आखिर उस मिशन को अंतिम वक्त पर क्यों रोका गया.
 
दरअसल करगिल की जंग में शुरू-शुरू में भारतीय सेना को भले ही थोड़ी मुश्किल हुई पर बहुत जल्द देश के जवानों ने करगिल में पाकिस्तान पर बढ़त बनानी शुरू कर दी.
 
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सूत्रों की मानें तो आर्मी को मिल रही कामयाबी को देखते हुए ही पाकिस्तान पर हवाई हमले को टाल दिया गया. इंडिया न्यूज की खास पेशकश में देखिए क्या हुआ था करगिल युद्ध के समय और कैसे पाकिस्तान का खात्मा होता रह गया.