नोएडा. संचार अकादमी के बैनर तले मारवाह स्टूडियो सभागार में ‘शब्दोत्सव’ नाम से आयोजित काव्य महोत्सव में पहली बार टेलीविजन न्यूज चैनलों के एंकर, रिपोर्टर और प्रोड्यूसर एक मंच पर कविता, गीत, गजल और नज्म पढ़ते नजर आए. आयोजकों ने अब इसे हर साल करने का ऐलान किया है.
 
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टीवी न्यूज से जुड़े 30 से ज्यादा कवि एक मंच पर इकट्ठा हुए और वाह-वाह और तालियों की शोर के बीच अपनी रचनाओं को पेश किया. कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ कवि और लेखक नीलाभ अश्क को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के साथ हुई जिनका पिछले हफ्ते निधन हो गया था. 
 
 
प्रख्यात साहित्यकार अशोक चक्रधर और नामी शायर नवाज देवबंदी की अध्यक्षता में चले कवि सम्मेलन-मुशायरे में टीवी वाले कवियों ने अनेक विषयों को अपनी बेबाक अभिव्यक्ति दी. मशहूर टीवी पत्रकार शम्मी नारंग, संदीप मारवाह, परवेज अहमद और सतीश के सिंह ने भी मंच साझा किया. सतीश के सिंह ने इस दौरान आशु कविता में पत्रकारिता और खबरों के बीच के द्वंद और विसंगतियों को रेखांकित किया.
 
कार्यक्रम के संयोजक और एबीपी न्यूज के पत्रकार विजय शर्मा के मुताबिक चैनलों से जुड़े साहित्यिक अभिरुचि के लोगों को इकट्ठा करने का ये पहला प्रयास था जिसे अब सालाना आयोजन की शक्ल दी जाएगी. उनके मुताबिक आयोजन का उद्देश्य पत्रकार कवियों के रचनाकर्म को मंच देना, उनके लेखन में निरंतरता लाना और नए लेखकों को प्रोत्साहित करना है.
 
 
नियत तीन घंटे से दोगुना करीब छह घंटे तक चले कार्यक्रम में श्रोताओं-दर्शकों ने अशोक चक्रधर, नवाज देवबंदी और आलोक श्रीवास्तव की रचनाओं का जमकर लुत्फ उठाया. अशोक चक्रधर ने आयोजन को अनूठा और सार्थक प्रयास करार दिया वहीं नवाज देवबंदी का कहना था कि टीवी न्यूज चैनलों में काम कर रहे उम्दा कवियों-शायरों की रचनाएं सुनकर वो अभिभूत हैं.
 
कवि सम्मेलन में इंडिया न्यूज़ के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत ने भी काव्य पाठ किया. ‘शब्दोत्सव’ के मंच से राजेश बादल, रवि पाराशर, दीपक डोभाल, अभिषेक उपाध्याय, एसपी श्रीवास्तव, नवीन कुमार, अजित त्रिपाठी, अबयज खान, मोइन शादाब, विजय शर्मा, अर्चना राजहंस, अभिरंजन कुमार, हरीश चंद्र बर्णवाल, कौशल लखोटिया, राजीव रुस्तगी, रजनीकांत मिश्र, आदर्श कुमार और प्रसून आदि ने कविता पाठ किया. 
 
 
शब्दोत्सव का मंच संचालन इंडिया न्यूज़ की एग्जीक्युटिव एडिटर शीतल राजपूत और भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी दुर्गानाथ स्वर्णकार ने मिलकर किया. आयोजन में पत्रकारों के अलावा मारवाह स्टूडियो के विपिन गौड़ की अहम भूमिका थी.
 
देश की सबसे बड़ी फर्टिलाइज़र को-ऑपरेटिव इफको इस कार्यक्रम से अपने अभियान #ThankYouKisan के जरिए जुड़ी थी. इफको साहित्य और भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के काम में मदद करती रहती है. इफको हर साल 11 लाख की नकद धनराशि वाला ‘इफको श्रीलाल शु्क्ल साहित्य सम्मान’ देती है जिसके तहत खेती, किसान और गांव पर साहित्य रचना करने वाले साहित्यकारों को पुरस्कृत किया जाता है. इफको के पीआर प्रमुख हर्षेंद्र सिंह वर्धन भी इस मौके पर मौजूद थे.