नई दिल्ली. सावन आता है और राहत देता है लेकिन यहां सावन आफत के साथ आया है. हिंदुस्तान में गली-गली, घर-घर एक बार फिर महंगाई डायन घूमने लगी है. जुलाई के महीने में दाल ‘मदारी’ बन गई है और सब्जी ‘सुल्तान’.
 
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महंगाई के डबल अटैक से जनता त्रस्त है. इस बीच दाल के रेट का रेड सिग्नल भी दिख रहा है और बिजनेस के जानकारों के मुताबिक अरहर दाल की कीमत 300 रुपये किलो तक पहुंच सकती है. 
 
आकंडों को देखा जाए तो देश में दालों की मांग 3.30 करोड़ टन तक पहुंच चुकी है जिसमें अरहर दाल की मांग 1.80 करोड़ टन है. लेकिन देश में दाल की उपज करीब 1.02 करोड़ टन है यानी डिमांड से काफी कम. 
 
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इस बार 71 लाख हेक्टेयर में दालों की बुआई हुई है. मगर सरकार के पास बफर स्टॉक में दालें और खासकर अरहर दाल नहीं के बराबर है. इंडिया न्यूज की खास पेशकश में देखिए किस तरह दाल की कीमतें बढ़ती जा रही है और इससे लोगों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
 
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