जयपुर/नई दिल्ली. सरकार के तीन मंत्रिमंडलीय उपसमिति के साथ 13 सदस्यीय गुर्जर प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार रात सचिवालय में गुर्जर आरक्षण मुद्दे पर दूसरे दौर की वार्ता की. जिसमें पांच प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर विस्तार से बातचीत की गई. लगभग चार घंटे चली इस बातचीत का फिलहाल कोई निष्कर्ष नहीं निकला और यह बातचीत आज सुबह फिर से शुरू होगी.
 
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रवक्ता हिम्मत सिंह ने पीटीआई-भाषा को बताया कि फिलहाल बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला और यह बातचीत कल सुबह भी जारी रहेगी. बातचीत के मुद्दे पर सरकार से कोई गतिरोध नहीं है, और हमारा संवाद कायम है. उन्होंने कहा कि गुर्जर प्रतिनिधियों ने पचास प्रतिशत की कानूनी सीमा के दायरे में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग की है, और यह देखना सरकार का काम है कि वे किस तरह इस मांग को पूरी करते हैं.
 
मंत्रिमंडलीय उप समिति में स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री हेमसिंह भडाना शामिल थे. इससे पहले दिन में गुर्जर समाज के लोग बैठक के स्थान को लेकर एकमत नहीं हो पा रहे थे. गुर्जर आरक्षण समिति के संयोजक कर्नल बैंसला मंत्रिमंडलीय समिति के सदस्यों के साथ अगले दौर की बातचीत को बयाना में कराने के लिए अडिग थे और उन्होंने इस संबंध जिला प्रशासन को एक पत्र भी सौंपा था लेकिन बाद में उन्होंने अपना निर्णय बदल दिया और गुर्जर प्रतिनिधियों का एक दल जयपुर भेजने को तैयार हो गये. गुर्जर आरक्षण आंदोलनकारियों ने दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर भरतपुर के पीलूपुरा रेलवे पटरी पर, दौसा के जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग और सवाईमाधोपुर के स्टेट हाईवे पर अभी भी जाम लगा रखा है.
 
गुर्जर आंदोलनकारियों ने गुर्जरों को पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर गत गुरूवार से आंदोलन शुरू किया था. सरकार और बैंसला सहित गुर्जर प्रतिनिधियों के बीच पहली दौर की बातचीत बयाना में गत शनिवार को बेनतीजा रही जिसके बाद सरकार ने गुर्जर प्रतिनिधियों को अगले दौर कल बातचीत के लिये जयपुर बुलाया था.

IANS