अहमदाबाद. आपकी पार्टी में खाना बच जाता है तो आप शायद उसे फेंक देते होंगे या किसी एनजीओ को बुलाकर दे देते होंगे लेकिन अहमदाबाद में एक हेमंत पटेल नाम का शख्स हर रोज़ शहर के एक अस्पताल में भर्ती सारे मरीज़ों और उनके तमाम परिजनों को मुफ्त में खाना खिलाता है.
 
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अहमदाबाद के वीएस अस्पताल में हर रोज़ शाम 7 बजे हेमंत पटेल करीब-करीब 400 लोगों का खाना लेकर पहुंचते हैं और मरीज़ से लेकर उनकी देखभाल कर रहे लोगों को खिलाकर ही घर लौटते हैं. ये खाना पटेल अपनी पत्नी के साथ मिलकर बनाते हैं.
 
हेमंत पटेल ने मरीज़ों और तीमारदारों को मुफ्त खाना खिलाना 2002 में शुरू किया जब गुजरात में दंगा पसरा हुआ था और उसके कारण रेस्तरां से लेकर होटल और ढाबे सब बंद पड़े हुए थे. पटेल ने ये सब देखा और मरीज़ों को खाना खिलाना शुरू कर दिया.
 
इसी अस्पताल में भर्ती हुई थीं हेमंत पटेल की बेटी
 
शुरुआत में हेमंत पटेल नाम मात्र का पैसा लेते भी थे लेकिन बाद में उन्होंने पैसा लेना बंद कर दिया और बिना एक रुपया लिए पूरे अस्पताल को मुफ्त में भोजन कराते हैं. 
 
हेमंत की बेटी जब बीमार थीं तो इसी अस्पताल में भर्ती हुई थीं और तब उन्होंने देखा था कि गरीब घर के लोग किस तरह अस्पताल में ढंग के भोजन के लिए तरसते हैं. तब उनके पास पैसे नहीं हुआ करते थे.
 
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हेमंत पटेल का कैटरिंग का धंधा है जिसकी कमाई और कुछ दोस्तों की मदद से वो अस्पताल में रुके लोगों को खिलाने के लिए करीब 90 हजार रुपए जुटा लेते हैं.
 
हेमंत पटेल को खाना खिलाने में धर्म या जाति का हिसाब नहीं रखते जबकि उन्हें एकाध बार मुसलमानों को खाना देने से रोकने की कोशिश भी की गई. पटेल कहते हैं कि पैसे तो कोई भी दे देगा लेकिन समय और मेहनत कौन लगाएगा.