भोपाल. मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर उठ चुका है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ आ गई है. कई नदियों के ऊपर बने पुल डूब गए हैं तो कई पुल पानी का बहाव तेज होने के कारण बह चुके हैं. बारिश की वजह से कई गांवों का शहरों से संपर्क भी टूट चुका है.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
बारिश की वजह से पूरे मध्य प्रदेश में अब तक 23 लोगों की जान जा चुकी है तो वहीं 9 लोग अब भी लापता हैं. ढाई हजार मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. बाढ़ से करीब 3 लाख 32 हजार लोग प्रभावित हैं.  वेदर डिपार्टमेंट ने भोपाल, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा, खंडवा, उज्जैन एवं सीहोर जिलों में भारी बारिश के चलते हाई अलर्ट जारी किया है
 
छिंदवाड़ा-नरसिंहपुर मार्ग बंद
 
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में हालात बत्तर बने हुए हैं. यहां पेंच नदी में आए ऊफान के चलते एनएच 547 पर छिंदवाड़ा-नरसिंहपुर मार्ग बंद हो गया है. पेंच नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जा चुका है. कई गांवों का शहरों से संपर्क भी टूट चुका है. वहीं करीब 20 गांवों को खाली करा दिया गया चुका है.
 
नर्मदा खतरे के निशान से महज 10 फीट नीचे
 
होशंगाबाद में नर्मदा नदी खतरे के निशान से महज 10 फीट नीचे है. नदी में आए ऊफान के चलते नीचले इलाके पानी में डूब गए हैं.
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
सैलाब में बह गए दर्जनों जानवर
 
भारी बारिश इंसान के साथ-साथ जानवरों के लिए भी मुसीबत बना हुआ है. मंदसौर में एक पुल के ऊपर से पानी बहने की वजह से कई जानवर बह गए. यही नहीं भारी बारिश की वजह से इंदौर में एक मकान भी धवस्त हो गया है.
 
महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान में भारी बारिश की वजह से लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है.