नई दिल्ली. मुंबई के डांस बार मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. इससे पहले 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में महाराष्ट्र सरकार को 8 डांस बारों को लाइसेंस देने के आदेश दिए थे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जिन बार कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें काम पर नहीं रखा जाएगा,  इसके लिए बार मालिक लिखित अंडरटेकिंग देंगे.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
बता दें कि इससे पहले 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार मामले पर महाराष्ट्र सरकार से कहा है कि बार मालिकों को 60 दिनों में लाइसेंस देने के वक्त को कम नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने डांस बार मामले में सुनवाई के दौरान यह बात कही थी.
 
मामले पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, ‘जब तीसरा अंपायर कैमरे से सब देख रहे हो कि बाउंड्री है या छक्का, इसमें कोई विवाद नहीं हो सकता’. लड़कियों को फिल्मों की तरह कपड़े पहनने के मामले पर अदालत का कहना है कि वो फिल्मों की तरह ड्रैस पहन सकती हैं. 
 
Stay Connected with InKhabar | Android App | Facebook | Twitter
 
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार तक सरकार को आठ डांस बारों को लाइसेंस जारी करने का निर्देश दिया था, लेकिन बाकी के पांच अभी तक लाइसेंस पाने की शर्तें पूरी नहीं कर पाए हैं. कोर्ट के निर्देश के बाद गुरुवार को सिर्फ तीन डांस बार को ही लाइसेंस मिल पाया है. लेकिन इन बार मालिकों का कहना है कि इनकी खुशी अभी भी अधूरी है.