नई दिल्ली. रूसी और हिन्दुस्तानी दिल का रिश्ता सालों पुराना है. एक वक्त था जब डिफेंस के मामले में भारत काफी हद तक रूस पर डिपेंड था, लेकिन बाद के कुछ सालों में रूस की जगह अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों ने ले ली. अब एक बार फिर भारत और रूस के बीच एक बहुत बड़ी डिफेंस डील होने जा रही है.
 
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दुश्मनों को धूल चटाने के लिए अब भारतीय वायुसेना के बेड़े में भी बहुत जल्द सुपर सुखोई फाइटर प्लेन शामिल होने वाले हैं. भारत और रूस दोनों मिलकर इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के काम में जुट गए हैं. इसके तहत अब दोनों देश संयुक्त रूप से फिफ्थ जेनरेशन के ऐसे अत्याधुनिक फाइटर प्लेन बनाएंगे जो पलक झपकते ही बड़े से बड़े मिशन को अंजाम तक पहुंचा देंगे. 
 
भारत के पास फिलहाल रूस से मिले सुखोई 30 MKI लड़ाकू विमान हैं लेकिन इस प्रोजेक्ट के तहत अब इन सारे सुखोई विमानों को फिफ्थ जेनरेशन के फाइटर जेट में तब्दील किया जाएगा. अब रूस का यही सुखोई फाइटर हिन्दुस्तान के हिम्मत की सबसे बड़ी मिसाल बनने वाला है. मतलब ये कि अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की तरह अब भारत के पास भी ऐसे फिफ्थ जेनरेशन के ऐसे स्टील्थ फाइटर प्लेन होंगे जो जंग के मैदान में किसी भी लक्ष्य को पलक झपकते जमींदोज कर देंगे.
 
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भारत और रूस के इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट से पाकिस्तान और चीन में अभी से खलबली मच गई है. ड्रैगन का डर इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि ये लड़ाकू विमान चीन के अंदर तक घुसकर बड़ी आसानी से एक साथ कई टार्गेट को तबाह कर सकते हैं.