उदयपुर. राजस्थान की एक महिला पुलिस अफसर ने दावा किया है कि देश भर में चलाया जा रहा मोदी सरकार का नारा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का नारा उनका है, उदयपुर के महिला पुलिस थाने की एसएचओ चेतना भाटी ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा है कि बेटियों को बढ़ावा देने और शिक्षित करने वाला उनका यह नारा केन्द्र सरकार ने चुरा लिया है. इतना ही नहीं चेतना भाटी ने इस नारे के लिए उन्हें श्रेय देने के लिए पीएम मोदी को भी पत्र लिखा है.
 
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बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले साल जनवरी में हरियाणा के पानीपत में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ का नारा देकर एक राष्ट्रीय स्कीम की शुरूआत की थी. 
 
RTI डालकर मांगी जानकारी
 
चेतना ने आरटीआई लगाकर भी इस बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की है. चेतना ने आरटीआई में पूछा कि यह नारा कहां से लिया गया, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद भाटी ने पीएम मोदी को पत्र लिखते हुए उनकी क्रिएटिविटी को पहचान देने की मांग की है. 
 
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‘1999 में लिखा था यह नारा’
 
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक आज से करीब 20 साल पहले भाटी सरकारी स्कूल में टीचर थीं. भाटी ने बताया कि उन्होंने यह नारा सबसे पहले 1999 में कविता लेखन के लिखा और उसे पढ़ा था. इतना ही नहीं उन्होंने 2005 में आयोजित कई कार्यक्रमों भी दोहराया था. उनका कहना है कि उन्हें इसके लिए पैसा और पब्लिसिटी नहीं चाहिए, उन्हें केवल इसका श्रेय चाहिए.