नई दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि विधायक अलका लांबा को प्रवक्ता पद से निलंबित किया जाना पार्टी का आंतरिक मामला है. आप के दिल्ली के संयोजक दिलीप पांडे ने कहा, “इसमें एक खास वर्ग के लोगों की रुचि हो सकती है, लेकिन यह हमारी पार्टी का आंतरिक मामला है.” पांडे ने कहा, “हम किसे प्रवक्ता के रूप में नियुक्त करें, हम किसे ब्लॉक, जिला या राज्य स्तर पर नियुक्त करें, यह पार्टी को तय करना है.”  
 
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उन्होंने यह नहीं बताया कि क्या लांबा को गोपाल राय के मुद्दे पर पार्टी लाइन से अलग हटकर बयान देने को लेकर निलंबित किया गया है. गोपाल राय ने परिवहन मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है.
 
‘पश्चाताप’ करने को तैयार: अलका
लांबा ने गुरुवार को कहा कि अगर उन्होंने कोई गलती की है, तो वह ‘पश्चाताप’ करने के लिए तैयार हैं. अलका ने ट्वीट किया, “मैं पार्टी की अनुशासित कार्यकर्ता हूं और इसके हर निर्णय का सम्मान करती हूं. मैंने अगर अनजाने में कोई गलती की है तो मैं उसके लिए पश्चाताप करने को तैयार हूं, ताकि पार्टी को भ्रष्टाचार विरोधी अपनी लड़ाई में कोई दिक्कत न आए.”
 
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पार्टी लाइन से हटकर दिया बयान
यह फैसला पार्टी लाइन से हटकर दो दिन पहले दिए गए अलका के इस बयान की वजह से लिया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय को विभाग से इसलिए ‘हटाया गया’ है, ताकि प्रीमियर बस सर्विस स्कीम की सही जांच हो सके. उनका यह बयान आप के उस रुख से अलग है जिसके मुताबिक गोपाल राय ने ‘स्वास्थ्य कारणों’ से स्वयं विभाग छोड़ा है. अलका के बयान से ऐसा संकेत मिला कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रीमियम बस सर्विस स्कीम संबंधी कथित भ्रष्टाचार के जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए गोपाल राय से विभाग छोड़ने के लिए कहा था.