तिरुवनंतपुरम. केरल के अलप्पुझा जिले में रहने वाले एक 14 साल के छात्र ने सरकार का विरोध करने के लिए जोखिम भरा और खास रास्ता अपनाया है. अर्जुन संतोष नाम का एक छात्र नदी पार करने के लिए नाव का इंतजार करने की बजाय हर रोज 3 किलोमीटर तैरकर स्कूल जाता है.
 
रिपोर्ट्स के अनुसार संतोष के इस विरोध के पीछे नदी पर पुल बनाने की मांग बताई जा रही है. हालांकि जिले के कलेक्टर के समझाने के बाद अर्जुन ने फिलहाल अपने अभियान को बंद करने का फैसला किया है. लेकिन उसने यह भी कहा कि अगर प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो वह एक बार फिर विरोधस्वरूप नदी तैरकर अपने स्कूल जाएगा.
 
25 सालों से की जा रही है मांग
अर्जुन का कहना है कि वह यह काम इसलिए करता है, ताकि सरकार तक उसकी आवाज पहुंच जाए. पिछले 25 सालों से इस झील पर 700 मीटर का पुल बनाने की मांग की जा रही है. लेकिन आज तक यह पुल नहीं बन पाया. बता दें कि पेरुमबलम गांव एक आइलैंड पर बसा हुआ है, जिसके चारों तरफ पानी ही पानी है.
 
ऐसे में यहां रहने वाले तकरीबन 10,000 ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतें होती हैं. यहां की पंचायत झील पर पुल बनावाने के लिए काफी कोशिश कर चुकी है, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी.
 
‘स्कूल के लिए होती है देरी’
अर्जुन ने यह भी बताया कि नाव के इंतजार में अक्सर स्कूल के लिए देरी होती है और उसकी सजा भी मिलती है. कुछ नावें बेहद छोटी हैं और उनमें भी लोग ज्यादा होते हैं, जो कि चिंता का विषय है.
 
कलेक्टतर ने भेजा नोटिस
जिले के कलेक्टीर आर. गिरिजा ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंीने अर्जुन को तैरने से मना कर दिया है क्यों कि वह अभी नाबालिग है और अगर कुछ उसके साथ बुरा हुआ तो जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा. लिहाजा उसे नोटिस भेज कर ऐसा न करने के लिए कहा गया है.