इलाहाबाद. मथुरा में हुई ही हिंसा का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट अदालत पहुंच गया है. बीजेपी नेता अश्वनी उपाध्याय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर पुरे मामले की सीबीआई जांच कि मांग की है.
 
याचिका में कहा गया है मामले कि सीबीआई जांच से ही सच सामने आ सकता है. बता दें कि मथुरा में हुई हिंसा में SP सिटी मुकुल द्विवेदी और एक SO संतोष कुमार यादव सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी.
 
याचिका में क्या कहा?
बीजेपी नेता अश्वनी उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा है कि इतनी बड़ी हिंसा की जांच सीबीआई के द्वारा ही होनी चाहिए क्योंकि सीबीआई जैसा जांच का तरीका दूसरी जाँच एजेंसी के पास नहीं हैं इतना ही नहीं दूसरी जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से काम नहीं करती इस लिए मामले कि जांच सीबीआई को दी जानी चाहिए. याचिका में सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई फैसलों को आधार बताते हुए कहा गया है कि जिन मामलों की गंभीरता ज्यादा हो और जो समाज पर असर डाल रहे हो ऐसे मामलों में स्वतंत्र जांच के लिए सीबीआई जांच के आदेश दिए जा सकते है.
 
याचिका में मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि राज्य सरकार जवाहर बाग को 99 सालों के लिए रामवृक्ष यादव को लीज पर देने की तैयारी कर रही थी. जिससे ये साफ होता है कि कुछ तो गलत हो रहा था. ऐसे में जांच प्रभावित हो सकती है इस लिए मामले की जांच  सीबीआई से कराई जाए.
 
‘कई नेताओं और मंत्रियों का करीबी है रामवृक्ष यादव’
बीजेपी नेता अश्वनी उपाध्याय ने अपनी याचिका में ये भी कहा है कि रामवृक्ष यादव 2014 से पार्क में एक समानांतर सरकार चला रहा था. जिसमें उसकी खुद की सरकार और सेना थी. बिना सरकार के समर्थन के ऐसा संभव ही नहीं है. याचिका में मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कहा गया है कि रामवृक्ष यादव कई नेताओं और मंत्रियों के करीबी रहा है. 2014 से जवाहर पार्क में उसकी शस्त्र सेना थी लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उसके खिलाफ कोई करवाई नहीं की. इतना ही नहीं उसका न तो सुभाष चंद्र बोस और न ही फॉरवर्ड ब्लॉक से उसका कोई सम्बन्ध है.
 
कई राज्यों में कब्जा जमाए हुए है रामवृक्ष की संस्था
याचिका में कहा गया है की रामवृक्ष यादव की संस्था ने कई राज्यों में अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए है. जब एक बार संस्था ने पार्क में अवैध कब्जा जमा लिया था प्रशासन ने उसको खाली कराने की कोशिश नहीं कि इस लिए आगे चल वो हेडक्वाटर बन गया.
 
जवाहर बाग में बनाई अलग दुनिया
रामवृक्ष यादव के ग्रुप ने 2014 और 2016 के बीच एक समुदाय बना लिया. उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग में टॉयलेट, झोपड़ी बना लिया, वो सब्जी उगा रहे थे और किसी बाहरी को भी पार्क में आने की इजाजत नहीं देते थे. जवाहर बाग में 20 लाख किलो खाद्यान्न, 200 कार, और 400 गैस सिलेंडर जमा कर रखे थे.
 
पार्क के भीतर उन्होंने अलग देश जैसा बना लिया था. जिसमें उनका अपना संविधान, कानून वयस्था, कैद खाना, न्याययपालिक और आर्मी बना ली थी. इतना सब जानते हुए भी स्थानीय प्रसाशन ने कोई करवाई नहीं की.
 
दो अफसर समेत 29 लोगों की हुई मौत
याचिका में ये भी कहा गया है कि पार्क में अवैध रूप से कब्जा करने वाले 27 लोगों की मौत हो गई. जिसमें से 11 की मौत सिलेंडर ब्लास्ट से हुई थी. फायरिंग के दौरान दो अफसरों भी शहीद हो गए. वहीं 23 पुलिस वालों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जो गंभीर रूप से घायल हैं. पुलिस ने हिंसा के बाद कैंप से 47 गन, 6 राइफ़ल और 179 हैण्ड ग्रेनेड बरामद किये गए थे.