नई दिल्ली. एक बार फिर लोगों पर महंगाई की मार गिरने जा रही है. पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में बढ़ोत्तरी के बाद अब एक जून से जनता को 14 फीसदी सर्विस टैक्स भरना होगा. इस टैक्‍स बढ़ने से खाने-पीने की चीजों के साथ रेस्टोरेंट में खान, मोबाइल बिल, बीमा, यात्रा औऱ फिल्म देखना समेत कई चीजें अब की अपेक्षा महंगी हो जाएंगी.
 
सर्विस टैक्स नई बढ़ी हुई 14 प्रतिशत की दर एक जून से लागू होगी. सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी. फिलहाल सेवा कर की दर 12.36 प्रतिशत है. इसमें शिक्षा उपकर भी शामिल है. शीर्ष आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सेवा कर की नयी 14 प्रतिशत की दर एक जून से लागू होगी. वित्त मंत्री अरण जेटली ने 2015-16 के बजट में इसकी घोषणा की थी.
 
अपने बजट भाषण में जेटली ने कहा था कि केंद्र व राज्यों की सेवाओं पर सेवा कर को सुगमता से लागू करने के लिए मौजूदा सेवा कर की 12.36 प्रतिशत की दर (शिक्षा उपकर सहित) को मिलाकर 14 प्रतिशत किया जा रहा है. सेवा कर एक छोटी नकारात्मक सूची के अलावा सभी सेवाओं पर लगाया जाता है. विज्ञापन, हवाई यात्रा, आर्किटेक्ट की सेवाएं, कुछ प्रकार के निर्माण, क्रेडिट कार्ड, कार्यक्रम प्रबंधन, टूर आपरेटर जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं पर सेवा कर लगता है.
 
आपको बता दें कि केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने 2015-16 के बजट भाषण में सर्विस टैक्स की दर में इजाफा करने की घोषणा की थी। मंगलवार को वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक जून से बढ़ने जा रहे इस टैक्स की जानकारी दी.

IANS