मथुरा. मथुरा में हुई हिंसा के मास्टर माइंड रामवृक्ष को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि पुलिस से हुए मुठभेड़ में उसकी मौत हो चुकी है. पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि रामवृक्ष के मारे जाने या फिर जख्मी होने के बाद उसके साथी उसे किसी सुरक्षित जगह पर लेकर गए हैं. इसी आशंका के तहत पुलिस अलग अलग अस्पतालों में भी सर्च ऑपरेशन चला रही है. क्योंकि जख्मी होने की हालत में वो किसी अस्पताल में इलाज के लिए भी जा सकता है.
 
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बता दें कि मथुरा में हुए बवाल का मुख्य आरोपी गाजीपुर का रामवृक्ष यादव अब तक फरार है. रामवृक्ष गाजीपुर के मरदह ब्लॉक के रायपुर बाघपुर गांव का रहने वाला है. इमरजेंसी के दौरान 1975 में जेल में बंद भी रहा. रामवृक्ष को यूपी सरकार की ओर से लोकतंत्र सेनानी का पेंशन भी मिलता है. रामवृक्ष की दो बेटी और दो बेटे हैं.
 
गुरुवार की देर शाम भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा खून से लाल हो गई. यहां के जवाहरबाग में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम पर दंगाईयों ने हमला बोल दिया जिसमें SP सिटी मुकुल द्विवेदी और एक SO संतोष कुमार यादव सहित 27 लोगों की मौत हो गई. जिसमें से 3 पुलिसवाले अभी भी गायब है.
 
कौन है रामवृक्ष यादव?
कौन है रामवृक्ष यादव? रामवृक्ष गाजीपुर का रहने वाला है.  15 मार्च 2014 में वो करीब 200 लोगों को लेकर मथुरा आया था.  उसने यहां पर 2 दिन रहने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी लेकिन दो दिन बाद वो वहां से हटा नही.  पहले तो रामवृक्ष यहां एक झोपड़ी बनाकर रहने लगा फिर धीरे-धीरे वहां कई झोपडि़यां बन गईं. देखते ही देखते रामवृक्ष ने 270 एकड़ में अपनी सत्ता चलाने लगा.  रामवृक्ष इनता ताकतवर हो गया कि प्रशासन भी इसका कुछ नहीं कर सकी. 
 
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