मुंबई. भारतीय तर्कवादी व महाराष्ट्र के लेखक नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दो संदिग्ध दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं के पुणे तथा रायगढ़ के पनवेल स्थित घर पर छापेमारी की. छापेमारी के दौरान सीबीआई ने कहा कि उसे कुछ दस्तावेज, मोबाइल नंबर, ई-मेल और अन्य सामग्री मिली है, जिसकी जांच की जानी है.
 
एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए बंबई हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने नौ मार्च, 2014 को एक मामला दायर किया था, जिसके बाद यह कार्रवाई सामने आई है. दाभोलकर की 20 अगस्त, 2013 में हत्या कर दी गई थी. 
 
क्या था मामला?
दाभोलकर (68) की मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात लोगों ने उनके घर के निकट सुबह 7.20 बजे के आसपास गोली मारकर हत्या कर दी थी. मामले की पहले पुणे की डेक्कन पुलिस थाने ने जांच की, बाद में जांच को सीबीआई के हवाले कर दिया गया. दाभोलकर की दिनदहाड़े हुई हत्या के तीन साल बाद भी हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है. हत्या का शक कुछ दक्षिणपंथी समूहों और कार्यकर्ताओं पर है.
 
दाभोलकर के कई दशकों के अभियान के कारण महाराष्ट्र काला जादू सहित अंधविश्वास की कई प्रथाओं के खिलाफ कानून बनाने वाला पहला राज्य बना. ऐसा हालांकि उनकी मौत के बाद हो सका.