चंडीगढ़. हरियाणा के डीजीपी डॉक्टर के पी सिंह ने जींद में एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कह दिया कि जान के बदले जान ले लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि जो आपका घर जलाए या आपकी जान लेने की कोशिश करे, उसकी जान ले लो. 
 
डीजीपी ने भारतीय कानून पर बात करते हुए कहा कि कानून आपको अधिकार देता है कि आपके साथ हुए अन्याय का आप अपनी तरह से बदला ले सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘अगर आपके सामने कोई किसी मां-बहन की बेइज्जती कर रहा है, अगर कोई किसी के घर, मकान, दुकान को जलाता है, अगर कोई किसी को जान से मारने की धमकी देता है, तो कानून एक आम नागरिक को भी अधिकार देता है कि वो उसकी जान ले ले, लेकिन नागरिकों को यह बात पता नहीं है.’
 
डॉ. के पी सिंह को जाट आंदोलन के बाद हरियाणा का डीजीपी बना दिया गया था. सिंह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. जाट आंदोलन के दौरान हरियाणा के डीजीपी यशपाल सिंघल थे, जिन्हें मामले को सही से हैंडल नहीं करने की वजह से आंदोलन के बाद पद से हटा दिया गया था और फिर केपी सिंह को डीजीपी नियुक्त किया गया था.