देहरादून. उत्तराखंड में भी गर्मी का कहर जारी है. गर्मी इतनी पड़ रही है कि चंपावत, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर के सैकड़ो हेक्टेयर जंगलों में आग लगी हुई है. कई दिनों से फैली इस आग की वजह से छह लोगों की मौत हो गई है.
 
रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक पेड़ों के जलने से काफी नुकसान भी हो गया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब दस लाख के आसपास पेड़ जल गए हैं जिनकी कीमत 10 करोड़ रुपये के आस पास लगाई जा रही है.
 
 

खबर है कि करीब 4500 वन्य कर्मचारी आग को बुझाने में जुटे हुए हैं और उनकी छुट्टियां भी रद्द कर दी गई है. इस बीच राज्यपाल ने निर्देश दिए है कि कर्मचारियों कि संख्या 3000 से 6000 की जाए. साथ ही 500 दमकल कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया जाए.
 
यह भी ऐलान किया गया है कि जिन परिवारों को आग की वजह से नुकसान हो रहा है उन्हें मुआवजा दिया जाएगा.  एक हैल्पलाइन नंबर 920800800 जारी किया है.
 
गर्मी की वजह से लगती है आग
रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल और मई में पारा चढ़ जाता है और जमीन पर सूखी पत्तियों में आग लग जाती है. जो कि एक भीषण आग का कारण बन जाती है.
 
गर्मी से झुलस रहा है दक्षिण भारत भी
गर्मी और लू की वजह से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में इस साल अब तक 111 लोगों की मौत हो चुकी है. दक्षिण भारत के इन दोनों राज्यों में पिछले साल दो हजार से ज्यादा लोगों की मौत लू की वजह से हुई थी. वहीं दूसरी ओर आंध्र प्रदेश के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर है. महाराष्ट्र के नासिक जिले में गर्मी की वजह से प्रसिद्ध रामकुंड सूख गया है.
 
तेलंगाना में प्रदेश के डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट का कहना है कि गर्मी की वजह से मरने वालों का आधिकारिक आंकड़ा 66 है, जबकि आंध्र प्रदेश में लू से 45 लोग मौत हो चुकी है.