नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार ने 1980 में जेपी ग्रुप को दी गई 25 हजार एकड़ जमीन वापस लेने का निर्णय लिया है. यह फॉरेस्ट लैंड सोनभद्र में जेपी ग्रुप की कंपनी जेपी सीमेंट को दी गई थी. भारी कर्ज में डूबे जेपी ग्रुप के लिए इसे एक और बड़ा झटका माना जा रहा है.
 
कैबिनेट का  फैसला
यह निर्णय उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मीटिंग में लिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के विरोध के बाद लिया गया है. कोर्ट और सरकार ने इस बात पर आपत्ति जताई थी कि फॉरेस्ट लैंड कैसे एक प्राइवेट कंपनी को नॉन-फॉरेस्ट परपज के लिए लीज पर दी जा सकती है.
 
जेपी सीमेंट इस जमीन से चूना पत्थर और स्टोन चिप्स निकाल कर यहां सीमेंट बनाने का काम करता है. यह जमीन फॉरेस्ट डिपार्टमेंट का वापस सौंपी जाएगी, इसके बाद राज्य सरकार जमीन लेने की जानकारी कोर्ट को देगी.