हरिद्वार. ज्योतिष एवं द्वारकाशारदा पीठ के पीठाधीश शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने शिरडी के साईं ट्रस्ट पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि शिरडी में साईं पर चढ़ावा ब्लैक मनी है और इसी ब्लैक मनी के जरिए भारतीयों का धर्मांतरण कराया जाता है. 
 
शंकराचार्य ने महाराष्ट्र में पड़ रहे अकाल पर कहा की जब महाराष्ट्र में अकाल पड़ रहा है तो शिरडी के मंदिर में इतना पैसा कहां से आया. उन्होंने कहा कि ये पैसा विदेशों से आया काला धन है. जो हिंदुओं को भ्रमित करने के लिए प्रयोग किया जाएगा.
 
शंकराचार्य ने लोगों को सांई की पूजा न करने की सलाह देते हुए कहा है कि सांई भगवान नहीं है. इसलिए उनकी प्रतिमा हमारे देवी देवताओं के साथ नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि साईं का मंदिर भी नहीं होना चाहिए. शंकराचार्य ने कहा, ‘साईं बाबा का नाम चांद मियां था और वे मुसलमान थे. आज मंदिरों में देवी-देवताओं की मूर्तियां साईं के चरणों में रखी हुई हैं. सनातन धर्मियों के मंदिरों में देवताओं का यह अपमान है. रामनवमी के अवसर पर कई जगह पर लोग साईं बाबा की शोभा यात्रा निकालते हैं. यह बात हमें बहुत खराब लगती है’.
 
आरक्षण पर भी बोले शंकराचार्य 
आरक्षण पर बोलते हुए शंकराचार्य ने कहा कि  जाति विशेष के नाम पर आरक्षण नहीं होना चाहिए. शंकराचार्य ने बीएसपी प्रमुख मायावती पर निशाना साधते हुए कहा कि मायावती जब तक दलितों को साथ लेकर चल रही थी, तब तक मुख्यमंत्री नहीं बन पाई थी. लेकिन जब उन्होंने ब्राह्माणों को साथ लिया तो वह पूर्ण बहुमत प्राप्त कर मुख्यमंत्री बनी.
 
सभी नशीले पदार्थ पर हो रोक
नशे पर उन्होंने कहा कि नशा युवाओं को बर्बाद करता है. इसलिए सभी तरह के नशीले पदार्थों पर बैन लगा देना ही सही है.