नई दिल्ली. नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विमान हादसे में मारे जाने वाली खबर को लेकर एक बार फिर से सवाल खड़े होते दिख रहे हैं. दरअसल, नरेंद्र मोदी सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी जो गोपनीय फाइलें सार्वजनिक की. जिनसे संकेत मिलता है कि नेताजी की मौत हवाई हादसे में नहीं हुई थी. सार्वजनिक की गई नेताजी की फाइलों के अनुसार 18 अगस्त 1945 में हवाई हादसे के बाद भी नेताजी ने तीन रेडियो प्रसारण किए थे.
 
बता दें कि यह सभी जानकारियां पश्चिम बंगाल के गवर्नर हाउस से प्राप्त की गई है. फिलहाल ये सभी जानकारियां पीएम कार्यालय के फाइल नंबर870/11/पी/16/92/पीओआई में मौजूद हैं. 
 
पहला ब्रॉडकास्ट
नेताजी का पहला ब्रॉडकास्ट 26 दिसंबर 1945 को किया गया. इसमें उन्होंने कहा कि फिलहाल मैं विश्व शक्तियों की शरण में हूं, मेरा दिल भारत जाने के लिए तड़प रहा है. मैं तीसरे विश्वयुद्ध के शिखर पर पहुंचने के दौरान भारत जाऊंगा, इसमें 10 साल या उससे कम भी लग सकते है.
 
दूसरा ब्रॉडकास्ट
इसके कुछ ही दिनों बाद नेताजी ने 1 जनवरी 1946 को दूसरा ब्रॉडकास्ट किया था. जिसमें उन्होने कहा था कि हमें दो वर्षो के अंदर आजादी जरूर मिल जाएगी. ब्रिटिश साम्राज्य बिखरता जा रहा है. भारत को अहिंसा के रास्ते पर चलकर आजादी नहीं मिल सकती, लेकिन मैं महात्मा गांधी का सम्मान करता हूँ
 
तीसरा ब्रॉडकास्ट
फरवरी 1946 में अपने तीसरे ब्रॉडकास्ट में उन्होने कहा कि मैं सुभाष चंद्र बोस बोल रहा हूं. जापान के समर्पण के बाद यह तीसरा मौका है, जब मैं अपने भारतीय भाई-बहनों को संबोधित कर रहा हूं. ब्रिटिश पीएम पैथिक लॉरेंस के साथ दो और लोगों को भारत भेज रहे हैं, ताकि ये लोग ब्रिटेन के साम्राज्यवाद को बढ़ा सकें और हमारे देश का खून चूसा जा सके.
 
PM ने सार्वजनिक की थी 100 फाइलें
बता दें कि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेताजी की 119वीं जयंती के अवसर पर 23 जनवरी को उनसे संबंधित 100 फाइलों की पहली खेप सार्वजनिक की थी. इसी के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित समय-समय पर फाइलें सार्वजनिक की जा रही हैं.
 
गांधी जी के सेक्रेटरी के खत का भी जिक्र
डिक्लासिफाइड फाइलों में एक लेटर भी है.  22 जुलाई, 1946 को यह लेटर गांधी जी के एक सेक्रेटरी खुर्शीद नौरोजी ने लुई फिशर को लिखा था. इसमें लिखा गया था, “दिल से तो भारतीय आर्मी आजाद हिंद फौज के साथ है. लेकिन अगर बोस रूस की मदद से देश आते हैं तो गांधी, नेहरू या कांग्रेस देश की जनता को उनके बारे में समझा नहीं पाएगी.”