वाशिंगटन. अमेरिका हिंद-प्रशांत में समुद्री सुरक्षा को आगे बढ़ाने के मामले में भारत को एक प्रमुख शक्ति और महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है. भारत एक ऐसी क्षेत्रीय ताकत है, जो नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिकी उपमंत्री निशा देसाई बिस्वाल ने यह बात कही. उन्होंने कहा, “समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सर्वाधिक संभावना है, खासकर इसलिए कि क्षेत्र की सबसे बड़ी समुद्री शक्ति भारत के साथ हमारा अभूतपूर्व सहयोग है.”
 
‘हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा जरूरी’
बिस्वाल सेंटर फॉर अ न्यू अमेरिकन सिक्युरिटी में दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए वर्ष 2016 हेतु अमेरिकी नीतियों एवं प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा, “चूंकि एशिया की अर्थव्यवस्था लगातार विकास कर रही है, इसलिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अधिक समुद्री सुरक्षा की जरूरत भी है.” बिस्वाल ने कहा, “लिहजा, नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को आगे बढ़ाने को प्रतिबद्ध एक क्षेत्रीय शक्ति के रूप में भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख खिलाड़ी और महत्वपूर्ण साझेदार बन गया है.” 
 
‘भारत-अमेरिका के बीच रक्षा व्यापार 14 अरब डॉलर’
न्यूयॉर्क में पिछले साल सितंबर में अमेरिका-भारत-जापान के मंत्री स्तरीय बैठक में भी समुद्री सुरक्षा चर्चा के केंद्र में थी. पिछले साल की गर्मियों में पहली बार भारतीय पोतों ने अमेरिका, चीन और 20 अन्य देशों के साथ आरआईएमपीएसी (रिमपैक) अभ्यास में भाग लिया था. भारत और अमेरिका के बीच रक्षा व्यापार पर्याप्त रूप से बढ़ा है. एक दशक पहले जो महज 30 करोड़ डॉलर था, वह बढ़कर अब करीब 14 अरब डॉलर का हो गया है, 
 
‘दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है भारत’
उन्होंने कहा, “उभरते भारत को लेकर कोई सवाल नहीं है. अब यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है. यह अभी दक्षिण एशिया के विकास का ईंजन है और आगे भी बना रहेगा.” अमेरिका-भारत व्यापार परिषद के अनुसार, पिछले डेढ़ साल में करीब 30 अमेरिकी कंपनियों ने भारत में करीब 15 अरब डॉलर का निवेश किया है और अगले वर्ष तक 50 से अधिक कंपनियों के 27 अरब डॉलर से अधिक के निवेश के करार की उम्मीद है. बिस्वाल ने कहा कि हमलोगों ने भारत में अमेरिकी निवेश में आश्चर्यजनक वृद्धि देखी है. इसने चीन में अमेरिकी निवेश को भी पीछे छोड़ दिया है.